{"_id":"5f2c40f38ebc3e3ca27061d7","slug":"better-if-teachers-come-to-school-and-teach-students-online-mandi-news-sml3408810148","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक स्कूल आकर विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाएं तो बेहतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक स्कूल आकर विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाएं तो बेहतर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। शिक्षक अगर स्कूल आकर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई करवाएंगे तो यह बेहतर ढंग से हो सकती है। मंडी जिले के शिक्षा खंड सदर दो स्थित कटौला के बीआरसीसी की ओर से वीरवार को आयोजित गूगल मीट में एसएमसी प्रधानों ने अपने सुझाव दिए।
एसएमसी प्रधानों ने विंटर स्कूलों को खोलने का सुझाव देते हुए कहा कि घर बैठे बच्चे ऊब गए हैं और अगर विंटर क्षेत्र में स्कूल खुल जाते हैं तो बच्चों की पढ़ाई बेहतर हो सकेगी। प्रधानों का कहना है कि शिक्षक के घर रहते हुए ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान कई काम उनके मन में चलते रहते हैं। इससे वे बच्चों को बेहतर ढंग से नहीं पढ़ा पाते। अगर वे स्कूल आकर पढ़ाई करवाएंगे तो वहां सिर्फ उनका मन पढ़ाई पर ही फोकस रहेगा। इसके अलावा समर अवकाश वाले स्कूलों के एसएमसी प्रधानों ने कहा कि सप्ताह में कम से कम दो दिन स्कूल खोल देने चाहिए। इससे एक तो बच्चों की पढ़ाई पटरी पर आएगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षक बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट से वाकिफ भी हो सकेंगे। इस मौके पर एसएमसी प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बहुत से अभिभावकों के पास फोन की सुविधा नहीं है। अगर किसी के पास है भी तो उन्हें फोन को ऑपरेट करना नहीं आता है, जिसके चलते बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं।
खंड के एसएमसी प्रधानों का ग्रुप बनाकर ली जा रही फीडबैक : मोहन सिंह
कटौला खंड के बीआरसीसी मोहन सिंह का कहना है कि खंड के सभी 77 एसएमसी प्रधानों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसके तहत वीरवार को 10 एसएमसी प्रधानों के साथ गूगल मीट के माध्यम से बैठक कर फीडबैक ली गई। इस दौरान एसएमसी प्रधानों को स्कूल के विकास के लिए जारी अनुदान के बारे में भी अवगत करवाया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएमसी प्रधानों ने विंटर स्कूलों को खोलने का सुझाव देते हुए कहा कि घर बैठे बच्चे ऊब गए हैं और अगर विंटर क्षेत्र में स्कूल खुल जाते हैं तो बच्चों की पढ़ाई बेहतर हो सकेगी। प्रधानों का कहना है कि शिक्षक के घर रहते हुए ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान कई काम उनके मन में चलते रहते हैं। इससे वे बच्चों को बेहतर ढंग से नहीं पढ़ा पाते। अगर वे स्कूल आकर पढ़ाई करवाएंगे तो वहां सिर्फ उनका मन पढ़ाई पर ही फोकस रहेगा। इसके अलावा समर अवकाश वाले स्कूलों के एसएमसी प्रधानों ने कहा कि सप्ताह में कम से कम दो दिन स्कूल खोल देने चाहिए। इससे एक तो बच्चों की पढ़ाई पटरी पर आएगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षक बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट से वाकिफ भी हो सकेंगे। इस मौके पर एसएमसी प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बहुत से अभिभावकों के पास फोन की सुविधा नहीं है। अगर किसी के पास है भी तो उन्हें फोन को ऑपरेट करना नहीं आता है, जिसके चलते बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं।
विज्ञापन
खंड के एसएमसी प्रधानों का ग्रुप बनाकर ली जा रही फीडबैक : मोहन सिंह
कटौला खंड के बीआरसीसी मोहन सिंह का कहना है कि खंड के सभी 77 एसएमसी प्रधानों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसके तहत वीरवार को 10 एसएमसी प्रधानों के साथ गूगल मीट के माध्यम से बैठक कर फीडबैक ली गई। इस दौरान एसएमसी प्रधानों को स्कूल के विकास के लिए जारी अनुदान के बारे में भी अवगत करवाया। संवाद
विज्ञापन