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Mandi News: ब्यास तट से शान से निकाली बाबा भूतनाथ की लघु जलेब

Fri, 20 Feb 2026 11:36 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 11:36 PM IST
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Baba Bhootnath's small procession was taken out with great pride from the banks of Beas.
मंडी शहर में निकली बाबा भूतनाथ की जलेब में शिरकत करते देवी देवता। संवाद
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर शुक्रवार को ब्यास तट से मंडी शहर की परिक्रमा करते हुए बाबा भूतनाथ मंदिर तक लघु जलेब निकाली गई। देव रथों, ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ निकाली गई जलेब में आठ देवी-देवताओं ने भाग लिया। श्रद्धालु नाचते-गाते भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।
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जलेब की शुरुआत ब्यास घाट से हुई। बाबा भूतनाथ के शिवलिंग स्वरूप को थाली में विराजमान कर भूतनाथ की छड़ के साथ श्रद्धापूर्वक शहर की परिक्रमा करवाई गई। जलेब नए ब्यास पुल से होते हुए समखेतर बाजार, मोती बाजार, चौहटा, सेरी बाजार, पुराने कॉलेज रोड और गांधी चौक से होकर बाबा भूतनाथ मंदिर पहुंची। वहां विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत जलेब पुनः ब्यास घाट लौटी।
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बाबा भूतनाथ मठ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि यह परंपरा महाशिवरात्रि महोत्सव की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ाती है। इस बार जलेब में भरयाड़ू महाराज इलाका बागीथाच बालीचौकी, नागरानी थलौट, महाकाली बणसीरा, महासागर शिवपुत्र कार्तिकेय, ब्रह्मा सतपाल शिवाबदार, नैण उग्रतारा रिवालसर, देवी रिमझिम महारानी भडयाल बल्ह सहित अन्य देवी-देवताओं के रथ शामिल रहे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर देव रथों का स्वागत किया।
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विवाद हुआ उत्पन्न, देवी-देवता हुए नाराज
ब्यास तट से निकाली गई जलेब के दौरान कुछ समय के लिए विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। परंपरा के अनुसार जलेब में आगे चलने वाले तीन प्रमुख देवी-देवताओं के रथ पीछे रह गए, जबकि जलेब आगे बढ़ गई। इससे देवी-देवता नाराज होकर एक स्थान पर रुक गए। देवी नागरानी, देव खोड़े और देव घडौनी के रथों को मनाने के प्रयास किए गए। देवी नागरानी के देवलू तुलेराम, कश्मीर सिंह और मुरारी लाल ने बताया कि हर वर्ष ये तीनों देवी-देवता भूतनाथ जलेब में सबसे आगे चलते हैं, लेकिन इस बार दूसरी जलेब में उन्हें पीछे रख दिया गया, जिससे असंतोष उत्पन्न हुआ। बाद में परंपरा का सम्मान करते हुए तीनों देवी-देवताओं के रथों को आगे स्थान दिया गया, जिसके बाद जलेब पुनः निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ सकी।
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