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Mandi News: बाल विवाह रोकने के लिए समाज में लाई जाए जागृति

Tue, 22 Apr 2025 11:53 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Apr 2025 11:53 PM IST
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Awareness should be created in the society to stop child marriage
मंडी। बाल विवाह करवाने में किसी भी तरह की भूमिका निभाने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। ऐसे लोगों को दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माने भुगतना पड़ सकता है। बाल विवाह करवाने वालों में वर वधू के माता-पिता, पंडित, मौलवी, बैंड, टेंट वाले, डीजे और कैटर्स भी इसमें अपराधी की श्रेणी में रहेंगे।
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बाल विवाह रोकने एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गठित उपमंडल स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सदर मंडी ओमकांत ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए समाज में जागृति लाने की जरूरत है। कहा कि बाल विवाह करवाने या बढ़ावा देने में सहायक व्यक्तियों को दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। एसडीएम ने उपस्थित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, पुजारियों, कैटरिंग, टेंट और डीजे संचालकों का आह्वान किया कि यदि उनके ध्यान में बाल विवाह होने की बात सामने आए तो इसकी तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
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महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला एवं युवक मंडलों तथा पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से समाज के सभी लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत प्रावधानों की जानकारी प्रदान करें। बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी मंडी सदर जितेंद्र सैणी आदि मौजूद रहे। संवाद
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