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मंडी के 35 हजार मजदूरों की रोकी सहायता राशि : गुरदास
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मंडी। सीटू से संबंधित मनरेगा एवं भवन निर्माण मजदूर यूनियन मंडी कमेटी की बैठक कॉमरेड तारा चंद भवन में मंगलवार को जिला अध्यक्ष गुरदास वर्मा की अध्यक्षता में हुई। गुरदास वर्मा ने कहा कि श्रमिक कल्याण बोर्ड की ओर से पिछले एक साल से जिले के 35 हजार मजदूरों की करोड़ों रुपये की सहायता राशि रोकी गई है। अब ई-केवाईसी की शर्त लगा कर उसमें और अड़चनें डाल दी हैं।
कहा कि कोविड काल और उसके बाद दो साल मनरेगा मजदूरों को बोर्ड की सदस्यता से बाहर करने के चलते अधिकांश पंजीकृत मजदूरों के कार्ड नवीनीकरण नहीं हो पाए हैं। उनके लाभ भी रोक दिए। निर्णय लिया कि मजदूर जनवरी के तीसरे सप्ताह श्रमिक कल्याण बोर्ड कार्यालय शिमला का घेराव करेंगे।
बोर्ड सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंडी जिले के श्रम कल्याण अधिकारी के लिए उपयुक्त कार्यालय और स्टोर उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने इन मुद्दों को बोर्ड में बीते दो बैठकों में उठाया था, लेकिन बोर्ड की अफसरशाही लागू नहीं कर रही है। परियोजनाओं में 80 प्रतिशत हिमाचलियों को रोजगार भी नहीं मिल रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर आगामी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन किया जाएगा। संवाद
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कहा कि कोविड काल और उसके बाद दो साल मनरेगा मजदूरों को बोर्ड की सदस्यता से बाहर करने के चलते अधिकांश पंजीकृत मजदूरों के कार्ड नवीनीकरण नहीं हो पाए हैं। उनके लाभ भी रोक दिए। निर्णय लिया कि मजदूर जनवरी के तीसरे सप्ताह श्रमिक कल्याण बोर्ड कार्यालय शिमला का घेराव करेंगे।
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बोर्ड सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंडी जिले के श्रम कल्याण अधिकारी के लिए उपयुक्त कार्यालय और स्टोर उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने इन मुद्दों को बोर्ड में बीते दो बैठकों में उठाया था, लेकिन बोर्ड की अफसरशाही लागू नहीं कर रही है। परियोजनाओं में 80 प्रतिशत हिमाचलियों को रोजगार भी नहीं मिल रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर आगामी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन किया जाएगा। संवाद

अतुल दीक्षित।
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