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शहर के प्राकृतिक जलस्त्रोतों में खर्च होंगे 3.29 करोड़
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मंडी। छोटी काशी के विभिन्न प्राकृतिक जलस्रोतों पर 3.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्राकृतिक पेयजल स्रोतों को संवारने के लिए नगर निगम मंडी ने जलशक्ति विभाग को बजट जारी कर दिया है। जलशक्ति विभाग ने टेंडर जारी कर ठेकेदारों को कार्य आवंटित कर दिया है।
प्राकृतिक जलस्रोतों का न केवल कायाकल्प होगा, बल्कि प्रमुख जलस्रोतों के पास लोगों के लिए सुविधाएं भी जुटाई जाएंगी। रियासत काल में पेयजल स्रोतों के लिए मंडी मशहूर रहा है। अब उचित रखरखाव न होने के कारण अधिकतर पेयजल स्रोत अस्तित्व खोने लगे हैं।
शहर में 50 से 100 मीटर के दायरे में प्राकृतिक जलस्रोत हैं। इनकी बनावट में राजशाही झलकती है। मंडी शहर में शिवा बावड़ी, डिबा बावड़ी, जैंचू नौण, पंडित की बावड़ी, पैहरों की बावड़ी और छाया बावड़ी सहित अन्य प्राकृतिक जलस्रोत हैं।
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नगर निगम के विभिन्न वार्डों में कुछ ऐसे भी प्राकृतिक जल स्रोत हैं जिनका अस्तित्व ही खत्म हो चुका था। जलशक्ति विभाग ने स्रोतों को खोज कर रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी है। ऐसे करीब 114 प्राकृतिक जल स्रोत हैं जिनका जीर्णोद्धार किया जाना है।
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प्राकृतिक जल स्रोतों की रिपोर्ट पहुंचने के बाद नगर निगम ने जलशक्ति विभाग को बजट जारी कर दिया है। अब विभाग ने प्राकृतिक जल स्रोतों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है।
-एचसी जसवाल, सहायक अभियंता नगर निगम मंडी
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प्राकृतिक जलस्रोतों का न केवल कायाकल्प होगा, बल्कि प्रमुख जलस्रोतों के पास लोगों के लिए सुविधाएं भी जुटाई जाएंगी। रियासत काल में पेयजल स्रोतों के लिए मंडी मशहूर रहा है। अब उचित रखरखाव न होने के कारण अधिकतर पेयजल स्रोत अस्तित्व खोने लगे हैं।
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शहर में 50 से 100 मीटर के दायरे में प्राकृतिक जलस्रोत हैं। इनकी बनावट में राजशाही झलकती है। मंडी शहर में शिवा बावड़ी, डिबा बावड़ी, जैंचू नौण, पंडित की बावड़ी, पैहरों की बावड़ी और छाया बावड़ी सहित अन्य प्राकृतिक जलस्रोत हैं।
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नगर निगम के विभिन्न वार्डों में कुछ ऐसे भी प्राकृतिक जल स्रोत हैं जिनका अस्तित्व ही खत्म हो चुका था। जलशक्ति विभाग ने स्रोतों को खोज कर रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी है। ऐसे करीब 114 प्राकृतिक जल स्रोत हैं जिनका जीर्णोद्धार किया जाना है।
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प्राकृतिक जल स्रोतों की रिपोर्ट पहुंचने के बाद नगर निगम ने जलशक्ति विभाग को बजट जारी कर दिया है। अब विभाग ने प्राकृतिक जल स्रोतों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है।
-एचसी जसवाल, सहायक अभियंता नगर निगम मंडी