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एनएचएआई से बैठक करवाए प्रशासन : समिति
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कोटली एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद एनएच प्रभावित।
- फोटो : Mandi
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मंडी। मंडी-कोटली-जालंधर एनएच 03 संघर्ष समिति ने विस्थापितों की मांगों तथा समस्याओं के समाधान के लिए एनएचएआई के साथ शीघ्र अति शीघ्र बैठक करने की मांग की है। मंगलवार को समिति के प्रधान प्रशांत मोहन की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी कोटली से मिला।
इस दौरान उन्होंने एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें एनएचएआई के साथ समिति की बैठक आयोजित करने के लिए प्रशासन की ओर से मध्यस्थता करने की मांग उठाई। उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी रमेश चंद कटोच ने समिति को आश्वासन दिया कि वह एनएचएआई के उच्च अधिकारियों से संपर्क करके बैठक आयोजित करेंगे तथा विस्थापितों की प्रत्येक समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
समिति के प्रधान प्रशांत मोहन ने कहा कि जिन किसानों के खातों में मुआवजे की रकम सरकार की ओर से जमा की गई है, उसका कोई विवरण लाभार्थियों को प्रेषित नहीं किया गया, जिसके चलते किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसान जानना चाहते हैं कि उन्हें कितनी जमीन का मुआवजा किस दर से दिया गया है। उन्होंने मार्ग की जद में आ रहे पेयजल स्रोतों तथा संपदा के संरक्षण की मांग भी एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में की। ज्ञापन के माध्यम से भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई, जिसमें विस्थापितों को चार गुना मुआवजा के साथ पुनर्वास तथा अन्य सुविधाएं मुहैया किए जाने का प्रावधान है। एसडीएम से मिलने गए संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल में स्थानीय पंचायत के उपप्रधान मोहन सिंह ठाकुर, पूर्व उपप्रधान खेमचंद, कमल किशोर, हरिदास, संघर्ष समिति साईगलू के प्रधान करण सिंह तथा हंसराज आदि शामिल रहे।
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इस दौरान उन्होंने एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें एनएचएआई के साथ समिति की बैठक आयोजित करने के लिए प्रशासन की ओर से मध्यस्थता करने की मांग उठाई। उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी रमेश चंद कटोच ने समिति को आश्वासन दिया कि वह एनएचएआई के उच्च अधिकारियों से संपर्क करके बैठक आयोजित करेंगे तथा विस्थापितों की प्रत्येक समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
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समिति के प्रधान प्रशांत मोहन ने कहा कि जिन किसानों के खातों में मुआवजे की रकम सरकार की ओर से जमा की गई है, उसका कोई विवरण लाभार्थियों को प्रेषित नहीं किया गया, जिसके चलते किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसान जानना चाहते हैं कि उन्हें कितनी जमीन का मुआवजा किस दर से दिया गया है। उन्होंने मार्ग की जद में आ रहे पेयजल स्रोतों तथा संपदा के संरक्षण की मांग भी एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में की। ज्ञापन के माध्यम से भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई, जिसमें विस्थापितों को चार गुना मुआवजा के साथ पुनर्वास तथा अन्य सुविधाएं मुहैया किए जाने का प्रावधान है। एसडीएम से मिलने गए संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल में स्थानीय पंचायत के उपप्रधान मोहन सिंह ठाकुर, पूर्व उपप्रधान खेमचंद, कमल किशोर, हरिदास, संघर्ष समिति साईगलू के प्रधान करण सिंह तथा हंसराज आदि शामिल रहे।
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