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Mandi News: फर्जी आईआरडीपी प्रमाणपत्र से नौकरी हथियाने का आरोप
Thu, 08 Jan 2026 06:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 08 Jan 2026 06:34 AM IST
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मंडी। गोहर उपमंडल के एक युवक पर आईआरडीपी के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फर्जी प्रमाणपत्र से व्यक्ति ने जल शक्ति विभाग में कनिष्ठ अभियंता नियुक्ति पाई। विजिलेंस शिकायत के तथ्यों की वेरीफिकेशन कर रही है।
गोहर के कंढोल निवासी महेंद्र गुप्ता ने इस मामले को लेकर विजिलेंस, मुख्य सचिव और जलशक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता को शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवक के माता-पिता दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत रहे हैं। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति का आईआरडीपी श्रेणी में आना संदेह के घेरे में बताया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार व्यक्ति स्वयं भी वर्ष 1992 से 2000 तक जलशक्ति विभाग में दैनिक वेतनभोगी सर्वेयर के रूप में कार्य कर चुका है। इस दौरान उसकी तैनाती सुंदरनगर और करसोग मंडल में रही। इसके बावजूद बीते वर्ष उसका चयन आईआरडीपी कोटा के तहत कनिष्ठ अभियंता पद पर होना नियमों और पात्रता शर्तों पर सवाल खड़े करता है। उधर, एसपी विजिलेंस मंडी सचिन हीरेमठ ने बताया कि मामले की शिकायत पहले भी मिली थी। इसकी वेरीफिकेशन की जा रही है।
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गोहर के कंढोल निवासी महेंद्र गुप्ता ने इस मामले को लेकर विजिलेंस, मुख्य सचिव और जलशक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता को शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवक के माता-पिता दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत रहे हैं। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति का आईआरडीपी श्रेणी में आना संदेह के घेरे में बताया गया है।
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शिकायतकर्ता के अनुसार व्यक्ति स्वयं भी वर्ष 1992 से 2000 तक जलशक्ति विभाग में दैनिक वेतनभोगी सर्वेयर के रूप में कार्य कर चुका है। इस दौरान उसकी तैनाती सुंदरनगर और करसोग मंडल में रही। इसके बावजूद बीते वर्ष उसका चयन आईआरडीपी कोटा के तहत कनिष्ठ अभियंता पद पर होना नियमों और पात्रता शर्तों पर सवाल खड़े करता है। उधर, एसपी विजिलेंस मंडी सचिन हीरेमठ ने बताया कि मामले की शिकायत पहले भी मिली थी। इसकी वेरीफिकेशन की जा रही है।
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