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Mandi News: ठगी मामले में आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर, निवेशक चिंतित
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निवेशक बोले- आईआईटी के उच्च अधिकारी के वीडियो देखकर लगाया था पैसा
पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी, विदेश भागने की आशंका के चलते जारी किया लुकआउट सर्कुलर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कम समय में पैसा दोगुना करने के लालच में चार करोड़ रुपये गंवाने वाले निवेशकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। कमांद में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर निवेशकों ने बैठक कर रोष जताया। उन्होंने पुलिस से आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग उठाई। निवेशकों का आरोप है कि आईआईटी मंडी के उच्च अधिकारी के निवेश के संबंध में वीडियो देखकर उन्होंने कंपनी पर भरोसा किया और अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी।
मामले में महाराष्ट्र निवासी गौरव अनिल धोते पर निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेने और उसे वापस न करने के आरोप हैं। उसने कमांद में सेराफिना वेल्थ मैनेजमेंट के नाम से कार्यालय खोल रखा था। निवेशक सुरजीत व हितेश के अनुसार, कंपनी की ओर से कम समय में मोटा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया जाता था। आरोपी को आईआईटी मंडी के उच्च अधिकारी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में देखने और संस्थान के बड़े अधिकारियों से संपर्क होने की बात से भी लोगों का भरोसा बढ़ा। हालांकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने स्पष्ट किया है कि इन वित्तीय गतिविधियों से संस्थान का कोई संबंध नहीं है। शिकायतकर्ता सुरजीत का कहना है कि 35.05 लाख रुपये निवेश किया था। इसकी एवज में 90 लाख रुपये मिलने का झांसा दिया था लेकिन मूल रकम वापस न मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। शुरुआती शिकायतों में करीब 20 से 22 लोगों से चार करोड़ रुपये लेने का आरोप हैं। निवेशकों का कहना है कि पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी को पकड़े और उनकी धनराशि उन्हें दिलवाए। उधर, एसपी विनोद कुमार का कहना है कि मामले में गंभीरता से जांच जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार जुटी हुई है।
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पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी, विदेश भागने की आशंका के चलते जारी किया लुकआउट सर्कुलर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कम समय में पैसा दोगुना करने के लालच में चार करोड़ रुपये गंवाने वाले निवेशकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। कमांद में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर निवेशकों ने बैठक कर रोष जताया। उन्होंने पुलिस से आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग उठाई। निवेशकों का आरोप है कि आईआईटी मंडी के उच्च अधिकारी के निवेश के संबंध में वीडियो देखकर उन्होंने कंपनी पर भरोसा किया और अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी।
मामले में महाराष्ट्र निवासी गौरव अनिल धोते पर निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेने और उसे वापस न करने के आरोप हैं। उसने कमांद में सेराफिना वेल्थ मैनेजमेंट के नाम से कार्यालय खोल रखा था। निवेशक सुरजीत व हितेश के अनुसार, कंपनी की ओर से कम समय में मोटा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया जाता था। आरोपी को आईआईटी मंडी के उच्च अधिकारी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में देखने और संस्थान के बड़े अधिकारियों से संपर्क होने की बात से भी लोगों का भरोसा बढ़ा। हालांकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने स्पष्ट किया है कि इन वित्तीय गतिविधियों से संस्थान का कोई संबंध नहीं है। शिकायतकर्ता सुरजीत का कहना है कि 35.05 लाख रुपये निवेश किया था। इसकी एवज में 90 लाख रुपये मिलने का झांसा दिया था लेकिन मूल रकम वापस न मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। शुरुआती शिकायतों में करीब 20 से 22 लोगों से चार करोड़ रुपये लेने का आरोप हैं। निवेशकों का कहना है कि पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी को पकड़े और उनकी धनराशि उन्हें दिलवाए। उधर, एसपी विनोद कुमार का कहना है कि मामले में गंभीरता से जांच जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार जुटी हुई है।
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