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Mandi News: बगस्याड़ में पीलिया से युवक की मौत, 42 लोग पीड़ित, तीन गंभीर
Fri, 30 Jan 2026 11:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:31 PM IST
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गोहर (मंडी)। स्वास्थ्य खंड बगस्याड़ के तहत पीलिया का प्रकोप जानलेवा होने लगा है। ग्राम पंचायत बासा के दाड़ी क्षेत्र के लेओटी गांव में 28 वर्षीय उदित शर्मा की पीलिया के कारण पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई। बीटेक पास उदित घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। उधर, क्षेत्र की प्राकृतिक बावड़ियों के पानी में बैक्टीरिया मिला है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में वर्तमान में पीलिया के 42 एक्टिव मामले हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है। मृतक उदित के परिवार पर यह बीमारी दोहरी मुसीबत बनकर आई। करीब दो सप्ताह पहले उदित की 29 वर्षीय बहन जिज्ञासा पीलिया की चपेट में आई थी, जो उपचार के बाद स्वस्थ हो गई थी। लेकिन पांच दिन पहले उदित को भी संक्रमण हो गया।
तबीयत बिगड़ने पर उसे गोहर अस्पताल लाया गया जहां से एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया। एम्स में स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां उसने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि हाल ही में सरकाघाट क्षेत्र में भी पीलिया से हाल ही में दो मौतें हो चुकी हैं।
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पेयजल योजनाओं के नमूने भी जांच के लिए भेजे
पीलिया फैलने की शिकायतों के बाद जल शक्ति विभाग ने जल स्रोतों की जांच शुरू की है। सहायक अभियंता दत राम ठाकुर ने पुष्टि की है कि गोहर क्षेत्र की बावड़ियों के पानी के नमूनों में बैक्टीरिया पाया गया है। विभाग ने अब ज्यूनी खड्ड से संचालित होने वाली बड़ी पेयजल योजनाओं के नमूने भी जांच के लिए भेजे हैं। एहतियात के तौर पर पंचायत स्तर पर पानी की टंकियों में ब्लीचिंग और क्लोरिनेशन के निर्देश दिए गए हैं।
रोजाना सामने आ रहे 4 से 5 मरीज : बीएमओ
बीएमओ बगस्याड़ डॉ. राकेश रोशन ने बताया कि चैलचौक, गणई, कुठेहड़, नौण, चच्योट, गोहर, बस्सी और स्यांज क्षेत्रों से रोजाना 4 से 5 नए मरीज सामने आ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई है। स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर लोगों को उबला हुआ पानी पीने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे बावड़ियों के पानी का सीधा सेवन न करें। आंखों में पीलापन या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में वर्तमान में पीलिया के 42 एक्टिव मामले हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है। मृतक उदित के परिवार पर यह बीमारी दोहरी मुसीबत बनकर आई। करीब दो सप्ताह पहले उदित की 29 वर्षीय बहन जिज्ञासा पीलिया की चपेट में आई थी, जो उपचार के बाद स्वस्थ हो गई थी। लेकिन पांच दिन पहले उदित को भी संक्रमण हो गया।
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तबीयत बिगड़ने पर उसे गोहर अस्पताल लाया गया जहां से एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया। एम्स में स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां उसने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि हाल ही में सरकाघाट क्षेत्र में भी पीलिया से हाल ही में दो मौतें हो चुकी हैं।
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पेयजल योजनाओं के नमूने भी जांच के लिए भेजे
पीलिया फैलने की शिकायतों के बाद जल शक्ति विभाग ने जल स्रोतों की जांच शुरू की है। सहायक अभियंता दत राम ठाकुर ने पुष्टि की है कि गोहर क्षेत्र की बावड़ियों के पानी के नमूनों में बैक्टीरिया पाया गया है। विभाग ने अब ज्यूनी खड्ड से संचालित होने वाली बड़ी पेयजल योजनाओं के नमूने भी जांच के लिए भेजे हैं। एहतियात के तौर पर पंचायत स्तर पर पानी की टंकियों में ब्लीचिंग और क्लोरिनेशन के निर्देश दिए गए हैं।
रोजाना सामने आ रहे 4 से 5 मरीज : बीएमओ
बीएमओ बगस्याड़ डॉ. राकेश रोशन ने बताया कि चैलचौक, गणई, कुठेहड़, नौण, चच्योट, गोहर, बस्सी और स्यांज क्षेत्रों से रोजाना 4 से 5 नए मरीज सामने आ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई है। स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर लोगों को उबला हुआ पानी पीने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे बावड़ियों के पानी का सीधा सेवन न करें। आंखों में पीलापन या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं।