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Mandi News: रंगमंच का उत्सव, हास्य-व्यंग्य से स्त्री संघर्ष तक गूंजे सामाजिक सवाल
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हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान सतोहल में आयोजित नाट्य समारोह में नाटक की प्रस्तुति देती कलाकार।
मंडी। हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं रंगमंडल सतोहल में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह का समापन हो गया। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए रंग समूहों ने हास्य-व्यंग्य, सामाजिक सरोकार, स्त्री-विमर्श, मनोवैज्ञानिक संबंधों और साहित्यिक जीवनियों पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को बांधे रखा।
समारोह की शुरुआत चंडीगढ़ के संवाद थियेटर की प्रस्तुति गज-फीट-इंच से हुई। केपी सक्सेना द्वारा लिखित और मुकेश शर्मा की ओर से निर्देशित इस नाटक में हास्य-व्यंग्य के माध्यम से भौतिकतावादी जीवनशैली और बढ़ती स्वार्थपरता पर सवाल उठाए गए।
दूसरे दिन उज्जैन के रंगकर्मियों ने जेबी प्रीस्टली के चर्चित नाटक के हिंदी रूपांतरण एक इंस्पेक्टर से मुलाकात का मंचन किया। नाटक में सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता से उभारा गया। तीसरे दिन दिल्ली के रंग विरासत समूह ने एकल नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से स्त्री-पुरुष संबंधों और मनोवैज्ञानिक द्वंद्व को मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
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चौथे दिन भोपाल के चेतना रंग समूह ने गांधारी के जरिये समकालीन स्त्री के सवालों और सशक्तीकरण की भावना को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।समापन अवसर पर सतोहल रंगमंडल की ओर से प्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम के जीवन पर आधारित एकल प्रस्तुति रसीदी टिकट पेश की गई। वरिष्ठ रंगकर्मी सीमा शर्मा ने इसकी परिकल्पना और निर्देशन के साथ अमृता प्रीतम की भूमिका भी निभाई।
प्रस्तुति में साहिर लुधियानवी और इमरोज के साथ अमृता प्रीतम के संबंधों, उनके प्रेम तथा स्त्री स्वतंत्रता के विचारों को संवेदनशीलता के साथ मंच पर उकेरा गया। संवाद
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समारोह की शुरुआत चंडीगढ़ के संवाद थियेटर की प्रस्तुति गज-फीट-इंच से हुई। केपी सक्सेना द्वारा लिखित और मुकेश शर्मा की ओर से निर्देशित इस नाटक में हास्य-व्यंग्य के माध्यम से भौतिकतावादी जीवनशैली और बढ़ती स्वार्थपरता पर सवाल उठाए गए।
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दूसरे दिन उज्जैन के रंगकर्मियों ने जेबी प्रीस्टली के चर्चित नाटक के हिंदी रूपांतरण एक इंस्पेक्टर से मुलाकात का मंचन किया। नाटक में सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता से उभारा गया। तीसरे दिन दिल्ली के रंग विरासत समूह ने एकल नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से स्त्री-पुरुष संबंधों और मनोवैज्ञानिक द्वंद्व को मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
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चौथे दिन भोपाल के चेतना रंग समूह ने गांधारी के जरिये समकालीन स्त्री के सवालों और सशक्तीकरण की भावना को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।समापन अवसर पर सतोहल रंगमंडल की ओर से प्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम के जीवन पर आधारित एकल प्रस्तुति रसीदी टिकट पेश की गई। वरिष्ठ रंगकर्मी सीमा शर्मा ने इसकी परिकल्पना और निर्देशन के साथ अमृता प्रीतम की भूमिका भी निभाई।
प्रस्तुति में साहिर लुधियानवी और इमरोज के साथ अमृता प्रीतम के संबंधों, उनके प्रेम तथा स्त्री स्वतंत्रता के विचारों को संवेदनशीलता के साथ मंच पर उकेरा गया। संवाद