{"_id":"22-66685","slug":"Mandi-66685-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब की तर्ज पर वित्तीय लाभ मांगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब की तर्ज पर वित्तीय लाभ मांगे
Mandi
Updated Mon, 15 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
पधर (मंडी)। हिमाचल पेंशनर कल्याण संघ की द्रंग खंड इकाई ने उरला वन विश्राम गृह में आयोजित मासिक बैठक में अपनी लंबित मांगों पर चर्चा की। संघ की मांगों पर सरकार की ओर से कोई गौर न फरमाने को लेकर संघ ने सरकार से नाराजगी जताई। संघ का कहना है कि उनकी अधिकांश मांगें पंजाब सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार को पूरी करनी हैं, लेकिन विधानसभा सत्र के दौरान संघ की मांगों पर सरकार की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए संघ के प्रधान एमसी चौहान ने कहा कि 5-10-15 फीसदी पेंशन भत्ते को पेंशनरों के मूल वेतन में शामिल करने की मांग संघ कई बार सरकार से उठा चुका है, लेकिन इस मांग पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है। पेंशनर हित की इस मांग को लेकर सरकार के खजाने में कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। पेंशनरों के चिकित्सा बिलों का भुगतान रुका पड़ा है। संबंधित विभाग भी बिलों के भुगतान को लेकर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पेंशनरों को चिकित्सा भत्ता 500 रुपये प्रतिमाह फिक्स होना चाहिए ताकि पेंशनरों को चिकित्सा बिलों को पास करवाने में इंतजार का सामना न करना पड़े। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एलटीसी की सुविधा के लिए राज्य सरकार अपने पेंशनरों को एक महीने की अतिरिक्त पेंशन दे। पंजाब सरकार ने अपने रिटायर कर्मचारियों को एलटीसी की सुविधा प्रदान कर दी है। उन्होंने मांग की है कि वर्ष 2012 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पे-बैंड दिया जाए। बिजली बोर्ड और हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को 10 से 15 प्रतिशत पेंशन भत्ता नहीं दिया जा रहा है, जो सरकार की ओर से उन्हें शीघ्र मिलना चाहिए। डीए की सात फीसदी किस्त जुलाई 2014 से देय पड़ी है। इसे भी सरकार शीघ्र देने की घोषणा करे। इस दौरान वरिष्ठ नागरिक सभा की बैठक भी हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि 10 जनवरी 2015 को पेंशनर अपना स्थापना दिवस धूमधाम से मनाएंगे। इस मौके पर महासचिव केसी नेगी, प्रकाश चंद, हिरदा राम, जगरनाथ, भाग चंद, भादर सिंह, राम सिंह, गोकल चंद, यादविंदर शर्मा, प्रेम सिंह, भगत राम व लक्षमण पालसरा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
बैठक को संबोधित करते हुए संघ के प्रधान एमसी चौहान ने कहा कि 5-10-15 फीसदी पेंशन भत्ते को पेंशनरों के मूल वेतन में शामिल करने की मांग संघ कई बार सरकार से उठा चुका है, लेकिन इस मांग पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है। पेंशनर हित की इस मांग को लेकर सरकार के खजाने में कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। पेंशनरों के चिकित्सा बिलों का भुगतान रुका पड़ा है। संबंधित विभाग भी बिलों के भुगतान को लेकर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पेंशनरों को चिकित्सा भत्ता 500 रुपये प्रतिमाह फिक्स होना चाहिए ताकि पेंशनरों को चिकित्सा बिलों को पास करवाने में इंतजार का सामना न करना पड़े। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एलटीसी की सुविधा के लिए राज्य सरकार अपने पेंशनरों को एक महीने की अतिरिक्त पेंशन दे। पंजाब सरकार ने अपने रिटायर कर्मचारियों को एलटीसी की सुविधा प्रदान कर दी है। उन्होंने मांग की है कि वर्ष 2012 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पे-बैंड दिया जाए। बिजली बोर्ड और हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को 10 से 15 प्रतिशत पेंशन भत्ता नहीं दिया जा रहा है, जो सरकार की ओर से उन्हें शीघ्र मिलना चाहिए। डीए की सात फीसदी किस्त जुलाई 2014 से देय पड़ी है। इसे भी सरकार शीघ्र देने की घोषणा करे। इस दौरान वरिष्ठ नागरिक सभा की बैठक भी हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि 10 जनवरी 2015 को पेंशनर अपना स्थापना दिवस धूमधाम से मनाएंगे। इस मौके पर महासचिव केसी नेगी, प्रकाश चंद, हिरदा राम, जगरनाथ, भाग चंद, भादर सिंह, राम सिंह, गोकल चंद, यादविंदर शर्मा, प्रेम सिंह, भगत राम व लक्षमण पालसरा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन