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गले की फांस बना कूड़े का निपटान

Tue, 15 Apr 2014 05:31 AM IST
Mandi
Mandi Updated Tue, 15 Apr 2014 05:31 AM IST
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मंडी। शहर के कूड़े-कचरे को खपाना नगर परिषद के लिए चुनौती बनी हुई है। इस समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद ने स्वच्छ मंडी स्वस्थ मंडी की मुहिम छेड़ रखी है। शहर से दिन में दो बार कूड़ा-कचरा उठाने की कवायद के चलते नप को शुरुआत में सकारात्मक परिणाम जरूर मिल रहे हैं लेकिन अभी भी 10 हजार मीट्रिक टन के करीब कूड़-कचरे को ठिकाने लगाना नप के लिए चुनौती से कम नहीं है।
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शहर तथा आसपास के क्षेत्रों से रोजाना करीब 22-25 मीट्रिक टन कूड़ा-कचरा जनरेट हो रहा है। लेकिन मौजूदा समय में नगर परिषद मंडी रोजाना महज पंद्रह हजार मीट्रिक टन कूड़े-कचरे का ही निपटान कर पा रही है। शेष गंदगी शहर में इधर उधर तथा नदी एवं नालाें में पहुंच रही है। कूड़े-कचरे की इस समस्या को निपटाने के लिए नगर परिषद ने स्वच्छ मंडी स्वस्थ मंडी की मुहिम शुरू की है। इस मुहिम के चलते अब नगर परिषद के ऑटो रिक्शा शाम के समय भी पांच-सात बजे तक दो घंटे लगाकर शहर के वार्डों और घर-घर से कूड़ा-कचरा उठा रहे हैं। नप अधिकारियों के मुताबिक इससे नगर परिषद को पांच मीट्रिक टन की वृद्धि के साथ 15 मीट्रिक टन कूड़ा कचरा रोजाना मिलना शुरू हो गया है। लेकिन 10 हजार मीट्रिक टन के करीब बाकी के कूड़े कचरे को ठिकाने लगाने की समस्या है। शहर में मौजूदा समय में शहर की आबादी करीब तीस हजार है। इसमें प्रति व्यक्ति रोजाना करीब दो सौ ग्राम कूड़ा-कचरा पैदा कर रहा है।
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हर उठा रहे हैं 25 मीट्रिक टन कूड़ा
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजय पराशर ने कहा कि शहर से रोजाना 22 से 25 मीट्रिक टन कूड़ा-कचरा जनरेट हो रहा है। शहर को स्वच्छ और घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना सफल बनाने के लिए वार्ड स्तर पर गठित कमेटियां लोगाें को जागरूक करेंगी।
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