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जर्जर पुल पर जान हथेली पर
Mandi
Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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करसोग (मंडी)। क्षेत्र के प्रसिद्ध ऐतिहासिक मंदिर कामाक्षा को जाने के लिए इमला-विमला खड्ड पर बना वर्षों पुराना लकड़ी का पुल जर्जर हाल होकर हजारों लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। गिरने की कगार पर खड़े इस पुल से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन किसी को भी पुल के जीर्णोद्धार की सुध नहीं हैं। लगभग 100 वर्ष पुराने इस पुल से कामाक्षा मंदिर को करसोग, ममेल, माहूंनाग, सन्यारली तथा भनेरा आदि पंचायतों के सैकड़ों लोगों का हर रोज आना जाना लगा रहता है जिन्हें जान हथेली पर रखकर मंदिर तक जाने के लिए पुल पार करना पड़ रहा है। यही नहीं कामाख्या नगर में क्षेत्र के कई स्कूली बच्चों को भी यह पुल पार करना पड़ता है। लेकिन जर्जर हालत के चलते अभिभावक अपने बच्चों को पीठ पर उठाकर खड्ड पार करवाने को मजबूर हैं। जबकि पिछले वर्ष एक महिला खड्ड को पार करते हुए अपने बच्चे को पानी की तेज लहरों में खो चुकी है। बावजूद इसके सरकार, प्रशासन तथा जनता के चुने प्रतिनिधियों को पुल की दशा सुधारने की सुध नहीं है। इधर, क्षेत्र के लोगों पं. जयराम, रमेश कुमार, तेज राम, तीर्थ राम, चंदपाल, शांता राम, जीवन लाल, भीखम राम, सुदर्शन कुमार आदि ने कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से जर्जर हाल हो चुके पुल के शीघ्र जीर्णोद्धार की मंाग की है। वहीं बसपा के पूर्व जिला लोकसभा सदस्य पं. लाला राम ने सरकार को चेताया है कि यदि ऐतिहासिक कामाक्षा मंदिर को जाने के लिए बीच रास्ते में जर्जर हालत पुल की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू नहीं किया तो जनआंदोलन शुरू कर देंगे। जबकि 10 मई को एक रोष जुलूस भी निकाला जाएगा। इधर, स्थानीय विधायक हीरा लाल का कहना है कि पुल के सुधार कार्य में लागत का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। धन का प्रावधान होने पर पुल का कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।
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