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टारिंग में घटिया सामग्री प्रयोग करना पड़ेगा महंगा
Mandi
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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मंडी। सड़क की टारिंग में घटिया सामग्री का प्रयोग करने वाले लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर गाज गिरना लगभग तय है। विजिलेंस ने गत माह पहले पटड़ीघाट सड़क से टारिंग के सैंपल भर कर जांच के लिए भेजे थे, जो फेल पाए गए। इसके आधार पर विजिलेंस ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी थी। सरकार ने यह कह कर फाइल लौटा दी थी कि उक्त मामले की विभागीय जांच की जाए। एसपी विजिलेंस वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि फाइल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियाें को भेजी जा रही है।
विजिलेंस विभाग ने अखबारों में छपी खबरों को आधार मानते हुए पटड़ीघाट रोड़ पर की गई टारिंग के सैंपल भरे थे। उक्त रोड पर टारिंग के कुछ दिनों बाद ही गड्ढे पड़ गए थे। सड़क कई स्थानों से उखड़ गई थी। विजिलेंस ने सैंपल भरने के बाद जांच के लिए भेजे थे। प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट में पाया गया कि जो सामग्री सड़क की टारिंग के लिए प्रयोग की गई है वह घटिया है। इसके बाद विजिलेंस ने केस बना कर मंजूरी क लिए शिमला भेजा था।
एसपी विजिलेंस वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि उक्त मामले की फाइल लोक निर्माण विभाग के पास भेजी जा रही है। ताकि आरोपी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच पूरी कर रिपोर्ट जमा करवाई जा सके।
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विजिलेंस विभाग ने अखबारों में छपी खबरों को आधार मानते हुए पटड़ीघाट रोड़ पर की गई टारिंग के सैंपल भरे थे। उक्त रोड पर टारिंग के कुछ दिनों बाद ही गड्ढे पड़ गए थे। सड़क कई स्थानों से उखड़ गई थी। विजिलेंस ने सैंपल भरने के बाद जांच के लिए भेजे थे। प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट में पाया गया कि जो सामग्री सड़क की टारिंग के लिए प्रयोग की गई है वह घटिया है। इसके बाद विजिलेंस ने केस बना कर मंजूरी क लिए शिमला भेजा था।
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एसपी विजिलेंस वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि उक्त मामले की फाइल लोक निर्माण विभाग के पास भेजी जा रही है। ताकि आरोपी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच पूरी कर रिपोर्ट जमा करवाई जा सके।
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