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बरोट बांध के छह गेट खोले, नदी-नाले उफान पर
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:50 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी/बरोट/नेरचौक। जिलाभर में मानसून दस्तक दे चुकी है। यहां के लगभग सभी क्षेत्रों में जोरदार बारिश ने तपती जमीन को शांत कर लोगों को राहत दिलाई है। वहीं बारिश से नदी-नालों में पानी उफान पर है। बरोट बांध में पानी खतरे के बिंदु तक पहुंच चुका है। इसके आठ में से छह गेट खोल दिए गए हैं। वहीं सिल्ट के चलते यहां भी बिजली उत्पादन पर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी तरफ किसानों और बागवानों के चेहरे चहके हुए हैं। अच्छी बारिश के चलते धान के लिए खेतों को तैयार करने का काम शुरू हो गया है। गोर हो कि मंडी के सभी प्रमुख क्षेत्रों सुंदरनगर, धर्मपुर, सरकाघाट, सराज, नाचन, बल्ह आदि में बारिश का क्रम जारी है। बुधवार रात को सभी क्षेत्रों में जोरदार बारिश होने के चलते जहां तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है।
उधर, बल्ह क्षेत्र के किसानों पूर्ण चंद, जीत राम, हंसराज, गीता देवी, मीना देवी, शिवानी, ईशा हेमराज, संतराम, देवी राम, दयाल राम, बंटी, कमलेश, राकेश, प्यारू, रमेश कुमार, गोबिंद राम आदि ने बताया कि यह बारिश धान की बिजाई के लिए उपयुक्त है इसलिए हमने बिजाई का काम शुरू कर दिया है। यदि मानसून चरम पर रहा तो धान की बंपर पैदावार होगी। गौर हो कि बल्ह में धान की सबसे अधिक खेती की जाती है। जोरदार बारिश होने के चलते यहां के किसानों के चेहरों पर भी रौनक आ गई हैं। उन्होंने अब धान की बिजाई शुरू कर दी है। वीरवार को बल्ह घाटी के लोग खेतों में उतर गए हैं और किसानों ने धान बीजने का काम जोर शोर से शुरू कर दिया है। हालांकि, कई स्थानों पर अभी धान की बिजाई के लिए उपयुक्त बारिश नहीं हो पाई है, लेकिन आने वाले दिनों में तेज बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।
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उधर, बल्ह क्षेत्र के किसानों पूर्ण चंद, जीत राम, हंसराज, गीता देवी, मीना देवी, शिवानी, ईशा हेमराज, संतराम, देवी राम, दयाल राम, बंटी, कमलेश, राकेश, प्यारू, रमेश कुमार, गोबिंद राम आदि ने बताया कि यह बारिश धान की बिजाई के लिए उपयुक्त है इसलिए हमने बिजाई का काम शुरू कर दिया है। यदि मानसून चरम पर रहा तो धान की बंपर पैदावार होगी। गौर हो कि बल्ह में धान की सबसे अधिक खेती की जाती है। जोरदार बारिश होने के चलते यहां के किसानों के चेहरों पर भी रौनक आ गई हैं। उन्होंने अब धान की बिजाई शुरू कर दी है। वीरवार को बल्ह घाटी के लोग खेतों में उतर गए हैं और किसानों ने धान बीजने का काम जोर शोर से शुरू कर दिया है। हालांकि, कई स्थानों पर अभी धान की बिजाई के लिए उपयुक्त बारिश नहीं हो पाई है, लेकिन आने वाले दिनों में तेज बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।
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