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सराज के देव बिट्ठू नारायण ने रिवालसर की पवित्र झील में किया स्नान
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देव बिट्ठू नारायण ने रिवालसर झील में किया स्नान
देव का रिवालसर पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
अमर उजाला ब्यूरो
रिवालसर (मंडी) । सराज घाटी के आराध्य देवता बिट्ठू नारायण के त्रिवेणी धर्मस्थली रिवालसर पहुंचने पर मंदिर कमेटी और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। उनके आगमन पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत की और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान देवता ने रिवालसर की पवित्र झील में स्नान किया और पुजारी की ओर से लक्ष्मी नारायण मंदिर और शिव मंदिर में पूजा अर्चना की गई।
मान्यता है कि बिट्ठू नारायण देवता का रिवालसर के साथ बहुत पुराना संबंध है। शिवरात्रि महोत्सव के समापन के बाद देवता श्रद्धालुओं के निमंत्रण पर रिवालसर गए थे। एक ओर जहां देवता ने रिवालसर की पवित्र झील में स्नान करने की इच्छा जाहिर की, वहीं लोमश ऋषि से मंत्रणा भी की। क्षेत्र के लोगों ने इस ऐतिहासिक पल पर उपस्थित रह कर बिट्ठू नारायण देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
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देव का रिवालसर पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
अमर उजाला ब्यूरो
रिवालसर (मंडी) । सराज घाटी के आराध्य देवता बिट्ठू नारायण के त्रिवेणी धर्मस्थली रिवालसर पहुंचने पर मंदिर कमेटी और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। उनके आगमन पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत की और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान देवता ने रिवालसर की पवित्र झील में स्नान किया और पुजारी की ओर से लक्ष्मी नारायण मंदिर और शिव मंदिर में पूजा अर्चना की गई।
मान्यता है कि बिट्ठू नारायण देवता का रिवालसर के साथ बहुत पुराना संबंध है। शिवरात्रि महोत्सव के समापन के बाद देवता श्रद्धालुओं के निमंत्रण पर रिवालसर गए थे। एक ओर जहां देवता ने रिवालसर की पवित्र झील में स्नान करने की इच्छा जाहिर की, वहीं लोमश ऋषि से मंत्रणा भी की। क्षेत्र के लोगों ने इस ऐतिहासिक पल पर उपस्थित रह कर बिट्ठू नारायण देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
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