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बड़ा देव बिष्णु मतलोड़ा शिवरात्रि के लिए कल होंगे रवाना

Fri, 09 Feb 2018 11:04 PM IST
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:04 PM IST
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बड़ा देव बिष्णु मतलोड़ा शिवरात्रि के लिए कल होंगे रवाना
- फोटो : अमर उजाला
जंजैहली/बालीचौकी (मंडी)। सिराज घाटी के आराध्य बड़ा देव बिष्णु मतलोड़ा अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि के लिए कल भेड़ची नाल से रवाना होंगे। देवता को अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि का निमंत्रण मिल गया है और देवता के कार कारिंदे शिवरात्रि महोत्सव में जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। देवता के गूर टीका राम और चंद्रमणि ने बताया कि देवता को इस बार भाटकी धार हार से शिवरात्रि के लिए ले जाया जाएगा। बड़ा देव बिष्णु मतलोड़ा की 7 हार हैं। सात हार का देवता होने के कारण हर वर्ष अलग-अलग हार के लोग देवता के साथ शिवरात्रि के लिए जाते हैं। सात हारों के सचिव जीवन ठाकुर ने कहा है कि देवता बिष्णु मतलोड़ा को जिला प्रशासन की तरफ से शिवरात्रि महोत्सव का निमंत्रण मिल गया है। सात हार के इस फैसले के अनुसार इस बार भेड़ची नाल हार पंचायत भाटकी धार को शिवरात्रि के तमाम कायदे और नियमों की जिम्मेवारी सौंपी है।
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यहां है सात हारों की व्यवस्था
देवता के गूर चंद्रमणि ने बताया है कि पूरे सिराज में मात्र इस देवता की एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में सात हारों से एक सदस्य को शामिल किया गया है। इसमें एक प्रधान, एक जज, एक अध्यक्ष सहित पूरी कमेटी लोगों की ओर से चुनी जाती है। देवता की जो हार गलत काम करती है वह कमेटी देवता के अनुसार दंड की पात्र होती है। पूरे सिराज में यह व्यवस्था पीढ़ी दर पीढ़ी चली हुई है। क्षेत्र में बड़ा देव मतलोड़ा के कानूनों को सभी मानते हैं। जज ओम चंद, सचिव जीव, अध्यक्ष दिनेश कुमार, प्रधान नाहर मल ने कहा कि देवता शनिवार को शिवरात्रि के लिए रवाना हो जाएंगे। सोमवार तक देव पंडोह के आसपास पहुंच जाएंगे। इस बार देवता के साथ करीब 300 श्रद्धालु शिवरात्रि में शिरकत करेंगे।
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देवता का इतिहास बताना नियमों के खिलाफ
देवता के कारदार बीरबल ठाकुर ने बताया कि देवता का इतिहास बताना नियमों का उल्लंघन है। देवता के सख्त निर्देश हैं कि किसी को भी इतिहास नहीं बताया जाए। लंबे समय से देवता के आदेशों का पालन किया जा रहा है। इसलिए हम नियमों को नहीं तोड़ सकते हैं। देवता के गूर भाग चंद ने बताया कि देवता का रथ सजाया जा रहा है। कुछ आभूषण नए बनाए गए हैं, जिन्हें देवता को पहनाया जाएगा।
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