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तेंदुआ कैसे हुआ घायल, विभाग नहीं लगा पाया पता
Updated Fri, 27 Apr 2018 11:00 PM IST
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जोगिंद्रनगर/मंडी।लडभड़ोल के तुलाह केे जंगल में घायल हालत में मिला तेंदुआ अभी तक रहस्य बना हुआ है। तेंदुए की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। तेंदुए की ऐसी हालत कैसे हुई है, वन विभाग इस बारे में पता नहीं लगा सका है। वन विभाग में आपसी समन्वय की कमी से वन्य जीव को घंटों देरी के बाद रेस्क्यू किया गया है। बुधवार को तेंदुआ तुलाह के जंगलों में घायल हालत में पाया गया। दिन भर घायल तेंदुए तड़पता रहा और देर रात वन्य प्राणी विभाग की टीम रेस्क्यू करने पहुंची थी। वहीं वाइल्ड लाइफ टीम ने जख्मी तेंदुए को प्राथमिक उपचार दिया और फिर रेस्क्यू कर पालमपुर स्थित गोपालपुर चिड़ियाघर में दाखिल किया है। जहां पर तेंदुए को उपचार दिया जा रहा है। वहीं स्पाइन इंजरी के चलते तेंदुए का पीछे का हिस्सा काम नहीं कर रहा है। वहीं वन विभाग जोगिंद्रनगर अपने कर्मचारियों की पीठ थपथपाने में लगा हुआ है। वन विभाग का ग्रामीणों पर आरोप है कि जख्मी हालत में पड़े तेंदुए को देखकर जहां कुछ लोग मोबाइल में वीडियो बनाने में लग गए। वहीं कुछ लोग तो तेंदुए को डंडों और पत्थरों से भी धमकाने लगे। यहां पर काफी संख्या में भीड़ एकत्रित होने से अप्रिय घटना घटने का भी अंदेशा पैदा हो गया था। वन रक्षकों को भीड़ के विरोध का सामना भी करना पड़ा। लेकिन, वह अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटे और तेंदुए को देर रात तक सुरक्षित रखने में जुटे रहे। वन मंडलाधिकारी राजीव कुमार और एसीएफ शशि किरण ने कहा कि जख्मी हालत में तेंदुआ कोठी गांव में कैसे पहुंचा, इस पर विभागीय छानबीन जारी है। फिलहाल मादा तेंदुआ सुरक्षित है और वन विभाग की ओर से उसे यथासंभव उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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