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ननसा बनाएगा मंडी जिला के किसानों बागवानों को स्वावलंबी
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:11 PM IST
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बिंदर ठाकुर गोहर (मंडी)। मंडी जिले में कृषि विभाग के 6 ब्लाकों में केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित ननसा कार्यक्रम किसानों और बागवानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने जा रहा है। इसके तहत एग्रीकल्चर, हार्टिकल्चर और एनिमल हसबेंडरी बेस फार्मिंग करने के लिए अनुदान सुविधा दी जाएगी। कृषि विभाग जिला मंडी के 6 ब्लाकों में इस कार्यक्रम को लेकर क्लस्टरों के माध्यम से किसानों और बागवानों को विभाग लाभान्वित करने जा रहा है। केंद्र सरकार के नेशनल मिशन फार सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजना के तहत मंडी जिला के 6 ब्लाकों में 1 करोड़ 44 लाख खर्च किए जाएंगे। सरकार का कृषि विभाग, उद्यान विभाग और पशु पालन विभाग संयुक्त रूप से इस योजना पर कार्य कर मंडी जिला के हजारों किसानों और बागवानों को सुविधा प्रदान करेंगे। कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. आरएल चौहान ने मंडी जिला के 6 ब्लाकों में ननसा कार्यक्रम चलने की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत विभिन्न ब्लाकों में अलग-अलग कंपोनेंट पर कार्य किए जाएंगे। जिनमें सामुदायिक टैंक निर्माण जिस पर 100 फीसदी अनुदान का प्रावधान है तथा चेक डैम निर्माण पर भी 100 फीसदी अनुदान दिया जाता है। डेयरी फार्मिंग और सीरियल क्राप तथा गाय भैंस पालन के लिए प्रति साढ़े 12 बीघा 40 हजार रुपये का प्रावधान है। ग्रास रूट भी किसानों को इस योजना के तहत उपलब्ध करवाया जा रहा है। योजना का कार्यान्वयन देख रहे डा. अनिल ने बताया कि वाटर शेड एरिया को ननसा के तहत लिया जा रहा है। जहां विभिन्न कंपोनेंट के तहत 50 फीसदी किसानों से और 50 फीसदी सरकार अनुदान देगी। मंडी जिला के गोहर, बल्ह, सिराज, गोपालपुर, धर्मपुर और सुंदरनगर ब्लॉकों में ननसा के तहत 1 करोड़ 44 लाख खर्च किए जा रहे हैं।
कैसे करें आवेदन
कृषि विभाग के कार्यालय में किसान बागवान नकल जमाबंदी और ततीमा सहित विभाग द्वारा दिए गए फार्म को भरें। जिसके बाद कृषि विभाग की ओर से बनाए गए क्लस्टर के माध्यम से किसान बागवान के व्यक्तिगत कार्य के लिए मंजूरी दी जाएगी और किसान बागवान ननसा के तहत लाभान्वित होंगे।
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उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत विभिन्न ब्लाकों में अलग-अलग कंपोनेंट पर कार्य किए जाएंगे। जिनमें सामुदायिक टैंक निर्माण जिस पर 100 फीसदी अनुदान का प्रावधान है तथा चेक डैम निर्माण पर भी 100 फीसदी अनुदान दिया जाता है। डेयरी फार्मिंग और सीरियल क्राप तथा गाय भैंस पालन के लिए प्रति साढ़े 12 बीघा 40 हजार रुपये का प्रावधान है। ग्रास रूट भी किसानों को इस योजना के तहत उपलब्ध करवाया जा रहा है। योजना का कार्यान्वयन देख रहे डा. अनिल ने बताया कि वाटर शेड एरिया को ननसा के तहत लिया जा रहा है। जहां विभिन्न कंपोनेंट के तहत 50 फीसदी किसानों से और 50 फीसदी सरकार अनुदान देगी। मंडी जिला के गोहर, बल्ह, सिराज, गोपालपुर, धर्मपुर और सुंदरनगर ब्लॉकों में ननसा के तहत 1 करोड़ 44 लाख खर्च किए जा रहे हैं।
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कैसे करें आवेदन
कृषि विभाग के कार्यालय में किसान बागवान नकल जमाबंदी और ततीमा सहित विभाग द्वारा दिए गए फार्म को भरें। जिसके बाद कृषि विभाग की ओर से बनाए गए क्लस्टर के माध्यम से किसान बागवान के व्यक्तिगत कार्य के लिए मंजूरी दी जाएगी और किसान बागवान ननसा के तहत लाभान्वित होंगे।
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