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इस बार भोले की भक्ति में डूब जाएगी छोटी काशी
Updated Thu, 08 Feb 2018 11:03 PM IST
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मंडी। देर से ही सही लेकिन चमक धमक खो रहे छोटी काशी के महाशिवरात्रि पर्व में मेला कमेटी को भगवान शिव की याद आ गई है। इस आधुनिक दौर में महज व्यापार और मनोरंजन तक सीमित हो रहे छोटी काशी मंडी के अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि पर्व में दशकों बाद ही सराहनीय पहल की गई है। अब मेला महज जलेब, सांस्कृतिक संध्याओं और व्यापार तक ही सीमित नहीं रहेगा। इतिहास में पहली बार महाशिवरात्रि पर्व में भगवान शिव की महिमा का मंडन होगा। हालांकि, रियासतों के दौर में शिवरात्रि पर्व के आयोजन का लक्ष्य दुर्गम क्षेत्रों से देवी देवताओं को मंडी में बुलाना ही रहा था। लेकिन, उस दौर में भगवान शिव, महाशिवरात्रि मांडव ऋषि, छोटी काशी की पृष्ठभूमि और देव संस्कृति से लोग अनजान नहीं थे। मेले में आस्था पर अधिक और मनोरंजन पर कम जोर था। धीरे-धीरे शिवरात्रि पर्व को मनाने को तरीका बदलने लगा और जलेब, व्यापार तक मेला सीमित हो गया है। अब सर्वदेवता सेवा समिति मंडी की पहल पर प्रशासन पहली दफा पड्डल में 16 फरवरी को शिव आस्था पर केंद्रित इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
आधुनिक दौर में प्रशासन के बैनर तले बदल गए तौर तरीके
आधुनिक दौर में मनोरंजन के साधन बदल गए और मेले के प्रशासन के अधीन होते ही आयोजन के तौर तरीके भी बदल गए। 21वीं सदी तक पहुंचते-पहुंचते मेला मनोरंजन के नाम पर महज सांस्कृतिक संध्याओं में स्टार कलाकारों की प्रस्तुतियों और वाहवाही तक सिमट गया। अब दशकों बाद अथवा यू कहें कि जब से प्रशासन मेले का आयोजन कर रहा है तब से पहली बार मेले के महत्व का प्रचार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। अब मेले में देव नाटी और देव समाज से जुड़े अन्य कार्यक्रमों के आयोजन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
गोविंद राम करेंगे शिव की महिमा का गुणगान
16 फरवरी को देव चंडोही के कारदार एवं कथावाचक गोविंद राम कथा का वाचन करेंगे। इस दौरान पड्डल में भगवान शिव की भव्य झांकी भी निकाली जाएगी। इसके अलावा कथा वाचन के दौरान शिवरात्रि का महत्व, मांडव ऋषि की तपोभूमि छोटी काशी की पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से वर्णन किया जाएगा।
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प्रशासन के साथ मिलकर होगा आयोजन : शिवपाल
सर्व देवता सेवा समिति के प्रधान पंडित शिवपाल शर्मा ने कहा कि 16 फरवरी को पड्डल में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। ताकि, मेले में दूरदराज से पहुंचने वाले लोग महाशिवरात्रि के महत्व को जान सके। इससे युवा पीढ़ी को देव संस्कृति का ज्ञान होगा।
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आधुनिक दौर में प्रशासन के बैनर तले बदल गए तौर तरीके
आधुनिक दौर में मनोरंजन के साधन बदल गए और मेले के प्रशासन के अधीन होते ही आयोजन के तौर तरीके भी बदल गए। 21वीं सदी तक पहुंचते-पहुंचते मेला मनोरंजन के नाम पर महज सांस्कृतिक संध्याओं में स्टार कलाकारों की प्रस्तुतियों और वाहवाही तक सिमट गया। अब दशकों बाद अथवा यू कहें कि जब से प्रशासन मेले का आयोजन कर रहा है तब से पहली बार मेले के महत्व का प्रचार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। अब मेले में देव नाटी और देव समाज से जुड़े अन्य कार्यक्रमों के आयोजन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
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गोविंद राम करेंगे शिव की महिमा का गुणगान
16 फरवरी को देव चंडोही के कारदार एवं कथावाचक गोविंद राम कथा का वाचन करेंगे। इस दौरान पड्डल में भगवान शिव की भव्य झांकी भी निकाली जाएगी। इसके अलावा कथा वाचन के दौरान शिवरात्रि का महत्व, मांडव ऋषि की तपोभूमि छोटी काशी की पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से वर्णन किया जाएगा।
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प्रशासन के साथ मिलकर होगा आयोजन : शिवपाल
सर्व देवता सेवा समिति के प्रधान पंडित शिवपाल शर्मा ने कहा कि 16 फरवरी को पड्डल में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। ताकि, मेले में दूरदराज से पहुंचने वाले लोग महाशिवरात्रि के महत्व को जान सके। इससे युवा पीढ़ी को देव संस्कृति का ज्ञान होगा।