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Mandi News: एफडीआर तकनीक से चमकीं 4 सड़कें, सालों-साल नहीं टूटेंगी
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50 करोड़ की लागत से हुआ 53 किमी सड़कों का कायाकल्प
कम लागत, दोगुनी मजबूती के साथ नई तकनीक से सड़कें हुईं तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग अब सड़कों के निर्माण में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को प्राथमिकता दे रहा है। मंडी सदर क्षेत्र की 53 किलोमीटर लंबी चार सड़कों का उन्नयन करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से किया गया है। इनमें मझवाड़ (11 किमी), केहन वाल (12 किमी), अणा कैंची (9 किमी) और बाडी गमाणूं (21 किमी) सड़कें शामिल हैं। इनका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही पूरी तरह यातायात के लिए उपलब्ध होंगी।
एफडीआर एक आधुनिक जर्मन तकनीक है, जिसमें पुरानी सड़क की सामग्री को मौके पर ही रिसाइकिल कर सीमेंट और स्टैबलाइजर के साथ मजबूत बेस तैयार किया जाता है। इसके ऊपर डामर की नई परत बिछाई जाती है। इससे निर्माण लागत घटती है, नई गिट्टी की आवश्यकता कम होती है, पर्यावरण संरक्षण होता है और सड़क की मजबूती व आयु बढ़ जाती है। प्रदेश सरकार अब अन्य क्षेत्रों में भी इसी तकनीक से सड़क निर्माण करवा रही है।
कोट्स
लोक निर्माण विभाग ने डीकेएस कंस्ट्रक्शन के माध्यम से एफडीआर तकनीक से 53 किलोमीटर लंबी चार सड़कों का 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। -डीके वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मंडल मंडी
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कम लागत, दोगुनी मजबूती के साथ नई तकनीक से सड़कें हुईं तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग अब सड़कों के निर्माण में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को प्राथमिकता दे रहा है। मंडी सदर क्षेत्र की 53 किलोमीटर लंबी चार सड़कों का उन्नयन करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से किया गया है। इनमें मझवाड़ (11 किमी), केहन वाल (12 किमी), अणा कैंची (9 किमी) और बाडी गमाणूं (21 किमी) सड़कें शामिल हैं। इनका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही पूरी तरह यातायात के लिए उपलब्ध होंगी।
एफडीआर एक आधुनिक जर्मन तकनीक है, जिसमें पुरानी सड़क की सामग्री को मौके पर ही रिसाइकिल कर सीमेंट और स्टैबलाइजर के साथ मजबूत बेस तैयार किया जाता है। इसके ऊपर डामर की नई परत बिछाई जाती है। इससे निर्माण लागत घटती है, नई गिट्टी की आवश्यकता कम होती है, पर्यावरण संरक्षण होता है और सड़क की मजबूती व आयु बढ़ जाती है। प्रदेश सरकार अब अन्य क्षेत्रों में भी इसी तकनीक से सड़क निर्माण करवा रही है।
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कोट्स
लोक निर्माण विभाग ने डीकेएस कंस्ट्रक्शन के माध्यम से एफडीआर तकनीक से 53 किलोमीटर लंबी चार सड़कों का 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। -डीके वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मंडल मंडी
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