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देव दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से रौनक
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:49 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। ऐतिहासिक पड्डल मैदान में महोत्सव के तीसरे दिन देव दर्शन के लिए विराजे सैकड़ों देवी देवताओं के समक्ष हजारों लोगों ने शीश नवाया। टारना मंदिर में विराजे बड़ादेव कमरूनाग के दर्शनों को दिनभर लंबी लाइनें लगी रहीं। वहीं, राजा के बेहड़े में विराजमान हुए देव पराशर के दर्शनों को सैकड़ों लोग उमड़े। शनिवार को स्कूलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, देव नाटी और बजंतरियों की प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। वहीं, ऊंट की सवारी, झूलों का भी बच्चों ने मेले में खूब लुत्फ उठाया। सरस मेले में खरीदारी को खूब भीड़ जुटी रही। अब तक सरस मेले में तेरह लाख से ऊपर का कारोबार हो चुका है। हालांकि, पड्डल में डोम में अभी तक कई दुकानें खाली ही हैं। यहां पर व्यापारियों ने अभी तक दुकानें नहीं सजाई हैं। लेकिन, देव समागम देव संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों से सराबोर है। दूसरी तरफ मौसम के मेेहरबान रहने से अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन में चार चांद लगे हैं।
ऊंट की सवारी का लुत्फ उठा रहे लोग
शिवरात्रि महोत्सव में इस बार पहली बार ऊंट की सवारी लोगों के लिए आकर्षण बनी हुई है। यहां मेला मैदान में काफी संख्या में लोग खासकर युवा ऊंटों की सवारी कर पूरा आनंद उठा रहे हैं। युवाओं को ऊंट पर बैठकर सेल्फी लेते हुए देखा जा सकता है। बच्चे, युवा ऊंट की सवारी का खूब लुत्फ उठा रहे हैं।
झूलों में दिख रही भारी भीड़
महोत्सव में दिल्ली, यूपी, जालंधर आदि स्थानों से बड़े से लेकर छोटे झूले यहां पर लगे हुए हैं। इन झूलों पर बच्चों से लेकर बूढ़ों तक लोगों को खूब झूलते देखा जा सकता है। बच्चों के लिए कई तरह के रंग-बिरंगे झूले स्थापित किए गए हैं। इनमें बतख, रेलगाड़ी, हाथी आदि आकार के कई झूले बच्चों को काफी भा रहे हैं।
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शनिदेव के दरबार हजारों ने नवाया शीश
शिवरात्रि मेले में करीब चार सालों से शिरकत कर रहे नागचला के शनिदेव के दरबार दिनभर हजारों लोगों ने शीश नवाया। शनिवार होने के कारण लोगों ने अपने ग्रह शांति के लिए उनके दरबार माथा टेका और उनसे आशीर्वाद लिया। नागचला के शनिदेव इस बार मेले का आकर्षण बने हुए हैं और न्याय का देवता होने के कारण हर कोई इनके प्रभाव से परिचित है।
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ऊंट की सवारी का लुत्फ उठा रहे लोग
शिवरात्रि महोत्सव में इस बार पहली बार ऊंट की सवारी लोगों के लिए आकर्षण बनी हुई है। यहां मेला मैदान में काफी संख्या में लोग खासकर युवा ऊंटों की सवारी कर पूरा आनंद उठा रहे हैं। युवाओं को ऊंट पर बैठकर सेल्फी लेते हुए देखा जा सकता है। बच्चे, युवा ऊंट की सवारी का खूब लुत्फ उठा रहे हैं।
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झूलों में दिख रही भारी भीड़
महोत्सव में दिल्ली, यूपी, जालंधर आदि स्थानों से बड़े से लेकर छोटे झूले यहां पर लगे हुए हैं। इन झूलों पर बच्चों से लेकर बूढ़ों तक लोगों को खूब झूलते देखा जा सकता है। बच्चों के लिए कई तरह के रंग-बिरंगे झूले स्थापित किए गए हैं। इनमें बतख, रेलगाड़ी, हाथी आदि आकार के कई झूले बच्चों को काफी भा रहे हैं।
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शनिदेव के दरबार हजारों ने नवाया शीश
शिवरात्रि मेले में करीब चार सालों से शिरकत कर रहे नागचला के शनिदेव के दरबार दिनभर हजारों लोगों ने शीश नवाया। शनिवार होने के कारण लोगों ने अपने ग्रह शांति के लिए उनके दरबार माथा टेका और उनसे आशीर्वाद लिया। नागचला के शनिदेव इस बार मेले का आकर्षण बने हुए हैं और न्याय का देवता होने के कारण हर कोई इनके प्रभाव से परिचित है।