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अब गुरुजन अभिभावकों के सामने विद्यार्थियों की पढ़ाई का करेंगे मूल्यांकन

Mon, 13 Nov 2017 10:54 PM IST
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:54 PM IST
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अब गुरुजन अभिभावकों के सामने विद्यार्थियों की पढ़ाई का करेंगे मूल्यांकन
teacher demo pic
मंडी। अब गुरुजन अभिभावकों के सामने विद्यार्थियों की पढ़ाई का मूल्यांकन कर सकेेंगे। जिले में पहली से आठवीं तक के बच्चों के लर्निंग टेस्ट का नतीजा सीधे तौर पर उनके अभिभावकों के समक्ष रखा जाएगा। नतीजतन सरकारी स्कूल के बच्चों का लर्निंग लेवल बढ़ सके। वहीं विद्यार्थियों को पढ़ाई में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जा सके। स्कूल संवाद कार्यक्रम के तहत यह संभव होगा। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के टेस्ट होंगे। नतीजों को लर्निंग आउटकम यानी बच्चे पाठ्यक्रम में क्या सीख रहे हैं, इसका चार्ट बनाया जाएगा। वहीं सोशल ऑडिट भी होगा। जिसमें बच्चों के पढ़ाई का स्तर, उसका मानसिक विकास और अन्य गतिविधियों का ब्योरा अभिभावकों के समक्ष रखा जाएगा। आमने-सामने शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों में संवाद होगा। विद्यार्थियों में लर्निंग लेवल को बढ़ाने के मकसद से स्कूल शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन संबंधित स्कूलों में 15 नवंबर को होगा। इसी के तहत जिला के सभी स्कूलों में बच्चों के लर्निंग लेबल को बढ़ाने और जनसहभागिता सुनिश्चित करवाने के लिए बीआरसीसी के माध्यम से आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसकी पुष्टि जिला परियोजना अधिकारी और प्रिंसिपल डाइट मंडी मोहिंद्र पाल ठाकुर ने की है।
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इन्हें दी गई है ट्रेनिंग
कार्यक्रम की समन्वयक चारू वैद्य ने बताया कि जिलास्तरीय कार्यक्रमों के तहत प्रत्येक खंड से दो-दो सेवानिवृत्त अध्यापकों, हिमाचल ज्ञान-विज्ञान समिति के सदस्यों और खंड स्रोत समन्वयकों को पहले ही ट्रेनिंग दी गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लर्निंग लेवल बढ़ाने के साथ-साथ अभिभावकों को उनकी पढ़ाई की ओर प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थी भाग लेंगे।
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हर टेस्ट के बारे में जानेंगे अभिभावक
हर टेस्ट के बाद बच्चे का आउटकम उसके अभिभावकों को पता होना जरूरी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों का लर्निंग लेवल बढ़ाने के उद्देश्य से कक्षा बार लर्निंग आउटकम हर अध्यापक बच्चों के अभिभावकों को बताएगा। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल प्रभारी सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे ताकि, बच्चों के माता-पिता को उनकी पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया जा सके।
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स्कूल शिक्षा संवाद कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज करवाएं: डीसी
उपायुक्त मंडी मदन चौहान ने लोगों, स्कूल अध्यापकों, एसएमसी सदस्यों, युवक मंडलों और महिला मंडलों से आह्वान किया कि स्कूल शिक्षा संवाद को प्रभावशाली बनाने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं ताकि, बच्चों के शिक्षा स्तर को बढ़ावा मिले और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
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