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Mandi News: श्रमिक बोर्ड में 300 करोड़ की सहायता अटकी
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95 हजार मजदूर कर रहे इंतजार
30,429 क्लेम लंबित, सरकाघाट कार्यालय की स्थिति सबसे खराब
सीटू ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से मिलने वाली वित्तीय सहायता के लिए करीब 95,231 मजदूर लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। पिछले तीन साल में 300 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता लंबित है। मंडी जिले में 30,429 क्लेम अटके हैं, जिनमें सरकाघाट सब कार्यालय के अकेले 16,496 क्लेम शामिल हैं।
सीटू के राज्य उपाध्यक्ष एवं बोर्ड सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सहायता जारी करने की रफ्तार घट रही है, जबकि प्रशासनिक व प्रचार-प्रसार पर खर्च बढ़ रहा है। सबसे अधिक 82,312 छात्रवृत्ति क्लेम लंबित हैं। इसके अलावा विवाह, प्रसूति, मेडिकल, पेंशन समेत अन्य योजनाओं के आवेदन भी अटके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने आवेदनों के बजाय नए क्लेम पहले निपटाए जा रहे हैं। सीटू ने पुराने लंबित क्लेम प्राथमिकता से जारी करने और सभी कार्यालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की मांग की है।
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30,429 क्लेम लंबित, सरकाघाट कार्यालय की स्थिति सबसे खराब
सीटू ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से मिलने वाली वित्तीय सहायता के लिए करीब 95,231 मजदूर लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। पिछले तीन साल में 300 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता लंबित है। मंडी जिले में 30,429 क्लेम अटके हैं, जिनमें सरकाघाट सब कार्यालय के अकेले 16,496 क्लेम शामिल हैं।
सीटू के राज्य उपाध्यक्ष एवं बोर्ड सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सहायता जारी करने की रफ्तार घट रही है, जबकि प्रशासनिक व प्रचार-प्रसार पर खर्च बढ़ रहा है। सबसे अधिक 82,312 छात्रवृत्ति क्लेम लंबित हैं। इसके अलावा विवाह, प्रसूति, मेडिकल, पेंशन समेत अन्य योजनाओं के आवेदन भी अटके हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने आवेदनों के बजाय नए क्लेम पहले निपटाए जा रहे हैं। सीटू ने पुराने लंबित क्लेम प्राथमिकता से जारी करने और सभी कार्यालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की मांग की है।
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