{"_id":"5a5762664f1c1b73188b45b4","slug":"21515676262-mandi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपाकालीन नंबरों पर फर्जी कॉल से जिंदगी से खिलवाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपाकालीन नंबरों पर फर्जी कॉल से जिंदगी से खिलवाड़
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। समय पर आपातकाल नंबर 108 और 102 पर की गई एक कॉल आपदा में फंसी बहुमूल्य जिंदगी बचा सकती हैं। लेकिन, अगर यही कॉल समय पर न मिले या किसी झूठे कॉलर के बताए गए स्थान पर एंबुलेंस व्यस्त हो तो कई मासूमों की सांसे उखड़ सकती हैं। कुछ शातिर एंबुलेंस जैसी जनसेवा से खिलवाड़ करते हुए इन सेवाओं पर फर्जी फोन करके झूठी सूचना देकर भद्दा मजाक करने का खेल खेल रहे हैं। 108 इमरजेंसी रिस्पोंस सेंटर ने ऐसी कॉल को डिटेन करते हुए चौंका देने वाला खुलासा किया है। केंद्र ने दावा किया है कि इमरजेंसी नंबरों पर आने वाली 50 फीसदी कॉल आपातकालीन नहीं होती। बल्कि इसमें कॉलर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अश्लील गालियां बकता है। जबकि, कई बार ऑपरेटर को भ्रमित भी किया जाता है। जरूरतमंद लोगों को इसका खामियाजा आपातकालीन समय में एंबुलेंस सेवा न मिल पाने के कारण भुगतना पड़ता है। केंद्र का यह भी दावा है कि पिछले कुछ सालों से यह काल आपातकाल सेवा में बाधा बन रही है। यदि ऐसा है तो कंपनी प्रबंधन पर भी सवालिया निशान खड़ा होता है। ऐसी कॉल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई न करना भी प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
विशेष रूप से दक्ष किया जाता है स्टाफ
जब 108 और 102 पर कॉल की जाती है तो इसे तुरंत आपातकालीन सेवाओं की श्रेणी में डाल दिया जाता है। इस नंबर पर अनावश्यक काल का अर्थ है कि इसको निपटाने में जो समय खर्च हुआ उसका वास्तविक जरूरतमंद की सहायता में सदुपयोग होना था। इन नंबरों पर की गई कोई भी कॉल जान बचाने जैसी आपातकालीन कॉल के रूप में ली जाती है। इस कार्यप्रणाली को काफी चुस्त दुरुस्त रखा गया है। 99 प्रतिशत काल्ज का तत्काल उत्तर दिया जाता हैै। यहां पर कार्यरत स्टाफ को इस तरह से प्रशिक्षित किया जाता है कि वह बद से बदतर स्थिति में भी अपने कार्य को दक्षतापूर्वक ढंग से निपटाएं।
फ र्जी कॉल करने वाले नंबरों की पहचान, कसेगा शिकंजा
जीवीके ईएमआरआई ने हाल ही में कुछ ऐसे नंबरों की पहचान की है, जिनपर पिछले 1 साल 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2017 में 150 से अधिक कॉल इस जीवन रक्षा में सहायक नंबर 108 और 102 पर अश्लील और अपमानजनक कॉल की है। लिहाजा अब इस लिस्ट को पुलिस को दिया जा रहा है, ताकि ऐसे फर्जी कॉलरों पर नजर रखी जा सके और जनसेवा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके।
विज्ञापन
ध्यान दें: इतनी अहम है एंबुलेंस सेवा
अप्रैल से सितंबर 2017 तक 108 इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर में 15365 इमरजेंसी कॉल्स रिसीव की गईं। गर्भवती महिलाओं के लिए 108 एंबुलेंस सेवा वरदान साबित हो रही है। छह माह में इस दौरान 2746 केसों में गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया है। जिसमें 111 डिलीवरी एंबुलेंस में ही हुई है। 14506 रोगियों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। इसमें मेडिकल से संबंधित 14264, पुलिस संबंधित 206 और फायर से संबंधित 36 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया इस दौरान प्रसूति से संबंधित 2746, हृदय रोग से संबंधित 698, सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित 543, प्वॉयजनिंग से संबंधित 200, जानवरों के काटने के 182 तथा अन्य 4579 रोगियों को अस्पताल पहुंचा कर उन्हें चिकित्सा उपलब्ध करवाई गई।
सौंपी जाएगी सूची
जीवीके ईएमआरआई 108 के स्टेट हेड मेहुल सुकुमारन ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सेवाएं और ज्यादा प्रभावी व दक्षतापूर्ण होंगी, यदि अनावश्यक कॉल्ज की संख्या में कमी आ जाए। मामला पुलिस को सौंपा जा रहा है। एक साल में 150 बार काल करने वाले कुछ नंबरों को डिटेन किया है। इसकी सूची पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
विशेष रूप से दक्ष किया जाता है स्टाफ
जब 108 और 102 पर कॉल की जाती है तो इसे तुरंत आपातकालीन सेवाओं की श्रेणी में डाल दिया जाता है। इस नंबर पर अनावश्यक काल का अर्थ है कि इसको निपटाने में जो समय खर्च हुआ उसका वास्तविक जरूरतमंद की सहायता में सदुपयोग होना था। इन नंबरों पर की गई कोई भी कॉल जान बचाने जैसी आपातकालीन कॉल के रूप में ली जाती है। इस कार्यप्रणाली को काफी चुस्त दुरुस्त रखा गया है। 99 प्रतिशत काल्ज का तत्काल उत्तर दिया जाता हैै। यहां पर कार्यरत स्टाफ को इस तरह से प्रशिक्षित किया जाता है कि वह बद से बदतर स्थिति में भी अपने कार्य को दक्षतापूर्वक ढंग से निपटाएं।
विज्ञापन
फ र्जी कॉल करने वाले नंबरों की पहचान, कसेगा शिकंजा
जीवीके ईएमआरआई ने हाल ही में कुछ ऐसे नंबरों की पहचान की है, जिनपर पिछले 1 साल 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2017 में 150 से अधिक कॉल इस जीवन रक्षा में सहायक नंबर 108 और 102 पर अश्लील और अपमानजनक कॉल की है। लिहाजा अब इस लिस्ट को पुलिस को दिया जा रहा है, ताकि ऐसे फर्जी कॉलरों पर नजर रखी जा सके और जनसेवा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके।
विज्ञापन
ध्यान दें: इतनी अहम है एंबुलेंस सेवा
अप्रैल से सितंबर 2017 तक 108 इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर में 15365 इमरजेंसी कॉल्स रिसीव की गईं। गर्भवती महिलाओं के लिए 108 एंबुलेंस सेवा वरदान साबित हो रही है। छह माह में इस दौरान 2746 केसों में गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया है। जिसमें 111 डिलीवरी एंबुलेंस में ही हुई है। 14506 रोगियों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। इसमें मेडिकल से संबंधित 14264, पुलिस संबंधित 206 और फायर से संबंधित 36 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया इस दौरान प्रसूति से संबंधित 2746, हृदय रोग से संबंधित 698, सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित 543, प्वॉयजनिंग से संबंधित 200, जानवरों के काटने के 182 तथा अन्य 4579 रोगियों को अस्पताल पहुंचा कर उन्हें चिकित्सा उपलब्ध करवाई गई।
सौंपी जाएगी सूची
जीवीके ईएमआरआई 108 के स्टेट हेड मेहुल सुकुमारन ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सेवाएं और ज्यादा प्रभावी व दक्षतापूर्ण होंगी, यदि अनावश्यक कॉल्ज की संख्या में कमी आ जाए। मामला पुलिस को सौंपा जा रहा है। एक साल में 150 बार काल करने वाले कुछ नंबरों को डिटेन किया है। इसकी सूची पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंपी जाएगी।