{"_id":"6775848d908bc0d0ea0a6815","slug":"21-objections-from-nela-ward-against-the-new-format-of-house-tax-mandi-news-c-90-1-mnd1001-144244-2025-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: नगर निगम के गृह कर के नए प्रारूप के खिलाफ नेला वार्ड से 21 आपत्तियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: नगर निगम के गृह कर के नए प्रारूप के खिलाफ नेला वार्ड से 21 आपत्तियां
Wed, 01 Jan 2025 11:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 01 Jan 2025 11:38 PM IST
विज्ञापन
मंडी। नगर निगम मंडी को नए गृहकर प्रारूप, दरों और क्षेत्र को बाहर करने के खिलाफ नेला वार्ड से सबसे अधिक 21 आपत्तियां और सुझाव मिले हैं। इनमें वार्ड के प्रतिनिधि पार्षद भी शामिल हैं। इसके अलावा दौंधी और तल्याहड़ वार्ड से एक-एक आपत्ति नगर निगम के पास पहुंची है।
कुल मिलाकर नगर निगम के पास 37 व्यक्तिगत आपत्तियां और 17 संगठनों व प्रबुद्धजनों से आपत्तियां पहुंची हैं। अब तक नगर निगम को नए गृहकर प्रारूप, दरों को लेकर कुल 54 आपत्तियां और सुझाव मिले हैं।
गौरतलब है कि नगर निगम का गठन होने के दौरान बैहना, दौंधी और नेला वार्ड अस्तित्व में आए थे। इन क्षेत्रों को ग्रामीण परिवेश वाले होने के बावजूद नगर निगम में शामिल किया गया था। साथ ही पुराने नगर परिषद क्षेत्र से कुछ हिस्सों को इधर-उधर शिफ्ट कर नए वार्डों का भी गठन किया गया है।
विज्ञापन
नए क्षेत्रों को तीन साल के लिए गृह कर से बाहर रखा गया था, लेकिन यह अवधि समाप्त होने के बाद नगर निगम मंडी ने इन क्षेत्रों में गृह कर वसूलने की तैयारियां शुरू कर दी है। इस कारण इन क्षेत्रों के लोग अब नगर निगम के फैसले के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं।
नगर निगम ने अब गृह कर के पुराने प्रारूप और दरों में बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं।
विज्ञापन
कुल मिलाकर नगर निगम के पास 37 व्यक्तिगत आपत्तियां और 17 संगठनों व प्रबुद्धजनों से आपत्तियां पहुंची हैं। अब तक नगर निगम को नए गृहकर प्रारूप, दरों को लेकर कुल 54 आपत्तियां और सुझाव मिले हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि नगर निगम का गठन होने के दौरान बैहना, दौंधी और नेला वार्ड अस्तित्व में आए थे। इन क्षेत्रों को ग्रामीण परिवेश वाले होने के बावजूद नगर निगम में शामिल किया गया था। साथ ही पुराने नगर परिषद क्षेत्र से कुछ हिस्सों को इधर-उधर शिफ्ट कर नए वार्डों का भी गठन किया गया है।
विज्ञापन
नए क्षेत्रों को तीन साल के लिए गृह कर से बाहर रखा गया था, लेकिन यह अवधि समाप्त होने के बाद नगर निगम मंडी ने इन क्षेत्रों में गृह कर वसूलने की तैयारियां शुरू कर दी है। इस कारण इन क्षेत्रों के लोग अब नगर निगम के फैसले के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं।
नगर निगम ने अब गृह कर के पुराने प्रारूप और दरों में बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं।