फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   समय पर न बिस्तर और न ठंड से बचने के इंतजाम

समय पर न बिस्तर और न ठंड से बचने के इंतजाम

Mon, 15 Jan 2018 10:08 PM IST
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
समय पर न बिस्तर और न ठंड से बचने के इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

मंडी। नेरचौक मेडिकल कॉलेज से अटैच जोनल अस्पताल मंडी में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। विवादों में घिरे रहने के कारण सरकार के दिशा निर्देशों पर भी इस बड़े अस्पताल में अमल होता नहीं दिख रहा है। सुधरने के बजाय हाशिये पर स्वास्थ्य सेवाएं अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। सोमवार को आखिरकार स्थानीय विधायक और मंत्री अनिल शर्मा ने भी अस्पताल का औचक निरीक्षण करके व्यवस्था की कमजोरियां आंकीं और उसमें सुधार के निर्देश दिए। हालांकि, भाजपा का दामन थामकर विधानसभा चुनाव जीतने और मंत्री पद पाने के बाद यह नई सरकार के कार्यकाल में उनका पहला औचक निरीक्षण रहा। लेकिन, इस दौरान ऑर्थो मेडिकल वार्ड की दीवार में बह रहे शौचालय के गंदे पानी ने अस्पताल प्रबंधन के इंतजामों की पोल खोल कर रख दी। मुख्य द्वार और पार्किंग में बेतरतीब खड़े वाहनों का नजारा देखा, जो आपात समय में जाम की स्थिति पैदा कर किसी रोगी के लिए घातक साबित हो सकता है। नाले के पास मेडिकल वेस्ट की गंदगी की आशंका पर भी मंत्री ने दिशा निर्देश जारी किए। जबकि, गायनी वार्ड में भी अव्यवस्था का आलम दिखा।
मंत्री सुबह करीब 10:30 पर अस्पताल पहुंचे। जैसे ही उनकी गाड़ी गेट पर पहुंची तो अस्पताल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों मेें हड़कंप मच गया। डाक्टर, नर्सें और अन्य अधिकारी इस दौरान इधर से उधर भटकते दिखाई दिए। मंत्री ने हर विभाग और वार्डों में जाकर रोगियों को मिलने वाली हर सुविधा के बारे में अस्पताल प्रबंधन से जानकारी ली। वह चिकित्सालय की कई खामियों से नाराज भी दिखे। इसलिए उन्होंने प्रबंधन को तुरंत प्रभाव से इन खामियों को पूरा करने के आदेश दिए। सबसे पहले वह गायनी वार्ड में गए, जहां उन्होंने गर्भवती महिलाओं से मुलाकात की और उनसे परेशानियां भी पूछीं। इसमें समय पर बिस्तर न मिलना, ठंड से बचने के इंतजाम न होने की बात सामने आई। उसके बाद उन्होंने बाहर का रुख किया। वह पार्किंग के सामने पहुंचे। वाहन बेतरतीब लगे थे, जिससे अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के निर्देश जोनल अस्पताल के स्टाफ के वाहनों एवं बाहर से आने वाले वाहनों के अव्यवस्थित ढंग से खड़े होने के चलते यहां पर मरीजों और आपातकालीन वाहनों को आने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अस्पताल के प्रबंधन को इस पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के भी निर्देश दिए। पार्किंग के साथ लगते नाले में भी गंदगी का आलम दिखा। कहीं-कहीं मेडिकल वेस्ट भी बिखरा पड़ा था। इस पर मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को अस्पताल को हमेशा स्वच्छ रखने के लिए मेडिकल सामग्री को उचित समय पर यहां से उठाने के भी निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने एक्सरे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड विभागों में जाकर सुविधाओं की जानकारी ली. जिसमें सब कुछ सामान्य पाया गया। इसके बाद ऑर्थो वार्ड में उन्होंने रोगियों का हालचाल पूछा। वहां उनकी नजर रिस रहे पानी पर पड़ी। जब मंत्री ने पूछा कि ऊपर टायलट है तो प्रबंधन ने हां में जवाब दिया। फर्श पर गदा पानी बिखरा हुआ था। प्रबंधन को तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

मातृ-शिशु अस्पताल के कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश
2014 से अधर में लटके मातृ-शिशु अस्पताल के कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश मंत्री अनिल शर्मा ने दिए। मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण जोनल अस्पताल के समीप ही चल रहा है। इस अस्पताल में सौ बेड की व्यवस्था होगी, लेकिन यह निर्माण कछुआ गति से चला हुआ है। वर्ष 2014 में इसका शिलान्यास हुआ था। पहले निर्माण में लगी एजेंसी की कोताही के कारण यह ठप पड़ गया। बाद में निर्माण की कवायद दोबारा शुरू हुई, लेकिन यह निर्माण गति नहीं पकड़ पाया है। केंद्रीय प्रायोजित स्कीम के तहत इस पर 20 करोड़ तक खर्च किया जा रहा है। इसमें हाईटेक लेबर रूम और ऑपेरशन थियेटर का भी प्रावधान होना है। लेकिन, अभी तक यह काम गति नहीं पकड़ पाया है ।अगर यह अस्पताल बन जाता है तो काफी हद तक रोगियों को समस्याओं से निजात मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए विवादों में रहा है अस्पताल
गायनी वार्ड काफी विवादों में रहा है। यहां गर्भवती महिलाओं को बिस्तर न मिलना और नवजात की मौत का मामला तूल पकड़ा चुका है। जबकि, अस्पताल पर व्यवस्थाओं को लेकर भी निशाना साधा जाता रहता है। गायनी वार्ड में ही ठंड से बचने के पर्याप्त इंतजाम न होना और वहीं मेडिकल टेस्ट को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed