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त्रयंबकेश्वर रूप में सजे बाबा भूतनाथ
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। मकर संक्रांति की मध्य रात्रि को धार्मिक नगरी मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ जी के लिंग पर 15 किलोग्राम मक्खन का लेप किया गया। सोमवार को भगवान भोलेनाथ का शृंगार त्रयंबकेश्वर के रूप में किया गया। इस दौरान दिनभर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के दर में आकर पूरे विधि-विधान के साथ पूजन किया और आशीर्वाद लिया। इससे पहले मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। भोलेनाथ को त्रयंबकेश्वर रूप में सजे हुए देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने दिनभर भोलेनाथ के दर्शन किए। वहीं, मंदिर में दिनभर कीर्तन भी चलता रहा। यह कार्यक्रम मंदिर में 30 दिनों तक चलेगा। हर दिन भोलेनाथ के लिंग पर मक्खन का लेप चढ़ाया जाएगा और उनका शृंगार किया जाएगा। शिवरात्रि के एक दिन पहले इस लेप को हटाया जाएगा और शिवरात्रि को यहां पर भव्य आयोजन किया जाता है। यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है और हर साल इसका निर्वहन किया जाता है। महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि इस दौरान भगवान की पूजा अर्चना करने वालों को भोलेनाथ सौ गुणा फल प्रदान करते हैं।
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मंडी। मकर संक्रांति की मध्य रात्रि को धार्मिक नगरी मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ जी के लिंग पर 15 किलोग्राम मक्खन का लेप किया गया। सोमवार को भगवान भोलेनाथ का शृंगार त्रयंबकेश्वर के रूप में किया गया। इस दौरान दिनभर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के दर में आकर पूरे विधि-विधान के साथ पूजन किया और आशीर्वाद लिया। इससे पहले मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। भोलेनाथ को त्रयंबकेश्वर रूप में सजे हुए देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने दिनभर भोलेनाथ के दर्शन किए। वहीं, मंदिर में दिनभर कीर्तन भी चलता रहा। यह कार्यक्रम मंदिर में 30 दिनों तक चलेगा। हर दिन भोलेनाथ के लिंग पर मक्खन का लेप चढ़ाया जाएगा और उनका शृंगार किया जाएगा। शिवरात्रि के एक दिन पहले इस लेप को हटाया जाएगा और शिवरात्रि को यहां पर भव्य आयोजन किया जाता है। यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है और हर साल इसका निर्वहन किया जाता है। महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि इस दौरान भगवान की पूजा अर्चना करने वालों को भोलेनाथ सौ गुणा फल प्रदान करते हैं।