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सामरिक दृष्टि से महत्वपूण मंडी-पठानकोट फोरलेन की कवायद पांच साल बाद भी कागजों तक सीमित

Thu, 14 Mar 2019 10:10 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Mar 2019 10:10 PM IST
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूण मंडी-पठानकोट फोरलेन  की कवायद पांच साल बाद भी कागजों तक सीमित
चुनावी मुद्दा
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मंडी-पठानकोट फोरलेन की कवायद
5 साल बाद भी कागजों तक सीमित
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 185 किलोमीटर लंबे फोरलेन के पहले चरण का ही हुआ शिलान्यास
एनएच की बदहाली वाहन चालकों की जान पर पड़ रही भारी
कोटरोपी समेत कई स्थानों पर सफर करना खतरे से खाली नहीं
कुलदीप शर्मा
पधर (मंडी)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रस्तावित 185 किलोमीटर लंबे मंडी-पठानकोट फोरलेन की कवायद पांच वर्षों में भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, ऐसे में राजनीतिक दल मंडी-पठानकोट फोरलेन को बड़ा चुनावी मुद्दे बनाने की फिराक में हैं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 24 फरवरी को चक्की पुल से सिंहुणी तक 37 किलोमीटर प्रथम चरण में फोरलेन की आधारशिला रखी है। केंद्र सरकार ने सड़क के कुछ हिस्से को छोड़कर अभी तक न तो शिलान्यास किया और न ही फोरलेन निर्माण के लिए कोई बजट का प्रावधान किया है। लोकसभा चुनावों के चलते अब सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सैन्य मार्ग मंडी-पठानकोट फोरलेन निर्माण का लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। मंडी-पठानकोट फोरलेन बनने की चर्चाओं ने लोगों के हाथों को व्यापारिक संस्थान निर्माण करने, आवास बनाने को लंबे समय से रोक कर रखा है। कुछ दिन पूर्व राजस्व मुहाल नारला से मंडी तक लगभग 30 किलोमीटर दायरे की भू अधिग्रहण सूची ही अथॉरिटी की ओर से वेबसाइट पर डाली है। फोरलेन की शेष सूची का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में फोरलेन की जद्द में आने वाले लोगों में भी केंद्र सरकार के प्रति भारी रोष है।
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अब तक नहीं भर पाए हैं कोटरोपी के जख्म
पठानकोट-जोगिंद्रनगर-मंडी एनएच पर सड़क की हालत खस्ता है। यहां कई प्वाइंट बड़े संवेदनशील हैं। एनएच की हालत ठीक नहीं हो रही है। विशेषकर मंडी से लेकर जोगिंद्रनगर तक इस हाईवे पर कई दर्दनाक घटनाएं अब तक घट चुकी हैं। अगस्त 2017 के कोटरोपी पहाड़ी के जख्म अभी तक भी नहीं भरे हैं। मंडी-जोगिंद्रनगर के बीच हराबाग, गुम्मा, तालगहर, उरला, कोटरोपी, नारला, मोहड़धार, मैगल के पास के कई ऐसे प्वाइंट हैं, जो खतरनाक जोन बने हुए हैं। अब तक कई लोग यहां पर अपनी जाने गवां चुके हैं। मंडी फोरलेन निर्माण की अगली प्रक्रिया को लेकर अब लोगों को केंद्र में नई सरकार के बनने का इंतजार करना होगा।
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भाजपा सरकारों की नाकामी: कौल सिंह
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुुर ने कहा कि पठानकोट-मंडी फोरलेन की देरी और इस मार्ग की बदहाली के लिए भाजपा की सरकारें ही जिम्मेदार हैं।

जोरों से चल रही फोरलेन की कवायद: रामस्वरूप
सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने फोरलेन के लिए बजट का प्रावधान कर रखा है। पहले चरण के कार्य का शिलान्यास हो गया है। सरकार बनते ही बहुत तेजी से कार्य पूरा होगा।
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