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पिपली खाई लागी शी शी... पर मचा धमाल
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:25 PM IST
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थुनाग (मंडी)। सराज दीप उत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या पहाड़ी गायकों के नाम सजी। नरेंद्र ठाकुर और नीरु चांदनी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दर्शकों की फरमाइश पर भी गाने गाए गए। स्टेज पर आते ही नॉन स्टॉप पहाड़ी गानों की झड़ी लगा दी। नीरू ने पत्ता पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है, शाजा लागा माघे रा, मीठा बड़ा लागदा मेरी झुरिए, नीरू चाली घुमदी, लाहौली गीत आमा जुले, भाई साहब जी केलांग शेला, पंजाबी सानू दे ऐसा मांही, झुरी रा केरणा की पिपली खाई लागी शी शी, दिल लाणा बसंतिए सुली सुली... पहाड़ी गीतों पर खूब धमाल मचाया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कारोबारी महेंद्र सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने मेला कमेटी को 21000 रुपये की सहयोग राशि दी।
लाइट जाने के बाद फिर धमाल
करीब दस मिनट तक लाइट चले के कारण सांस्कृतिक संध्या का मजा किरकिरा हो गया। सवा नौ बजे नरेंद्र ठाकुर ने जैसे ही मंच संभाला तो रौनक फिर लौट आई। उनके मंच पर आते ही लोगों ने उनका स्वागत तालियों और सीटियां बजाकर किया। इस दौरान उन्होंने बुधुआ मामा, झूरी, ओ रिनू ओ रिनू, बोतलां फूटी, शाहूरा लाना, बंगा चूटी ओ सरला, रोक भाविये गानों खूब धमाल मचाया। पंडाल में बैठे लोग कड़ाके की ठंड में भी नाचने को मजबूर हो गए। ठंड के बाद भी सराज उत्सव की सांस्कृतिक संध्या को देखने के लिए भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हुई।
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लाइट जाने के बाद फिर धमाल
करीब दस मिनट तक लाइट चले के कारण सांस्कृतिक संध्या का मजा किरकिरा हो गया। सवा नौ बजे नरेंद्र ठाकुर ने जैसे ही मंच संभाला तो रौनक फिर लौट आई। उनके मंच पर आते ही लोगों ने उनका स्वागत तालियों और सीटियां बजाकर किया। इस दौरान उन्होंने बुधुआ मामा, झूरी, ओ रिनू ओ रिनू, बोतलां फूटी, शाहूरा लाना, बंगा चूटी ओ सरला, रोक भाविये गानों खूब धमाल मचाया। पंडाल में बैठे लोग कड़ाके की ठंड में भी नाचने को मजबूर हो गए। ठंड के बाद भी सराज उत्सव की सांस्कृतिक संध्या को देखने के लिए भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हुई।
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