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सैलानियों से गुलजार हुआ शिकारी देवी पर्यटन स्थल, व्यवसायी चहके
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फाइल फोटो
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गोहर (मंडी)। खुशनुमा मौसम के कारण सराज का शिकारी देवी पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार है। माता शिकारी देवी मंदिर में रोजाना काफी संख्या में प्रदेश और बाहरी राज्यों से श्रद्धालु-सैलानी पहुंच रहे हैं।
माता के दर्शनों के साथ ही जंजैहली घाटी की हसीन वादियों का लुत्फ भी उठा रहे हैं। अप्रैल में माता शिकारी देवी मंदिर के कपाट खुले थे। तब से लेकर अब तक एक लाख सैलानी यहां पहुंच चुके हैं। सैलानियों के आने ने यहां होटल, ढाबा और अन्य व्यवसायियों की चांदी हो गई है।
सराज घाटी के पर्यटन स्थल लोकप्रिय हो रहे हैं। यहां वीकेंड में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। शिकारी देवी के साथ कमरूनाग में भी रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। एसडीएम थुनाग सुरेंद्र मोहन ने बताया कि शिकारी देवी मंदिर में अप्रैल से कपाट खुलने के बाद अब तक करीब एक लाख सेे अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने मंदिर में शीश नवाया है।
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टूरिस्ट कल्चर सेंटर का काम शुरू
सीएम जयराम ठाकुर के प्रयासों से भुलाह में टूरिस्ट कल्चर सेंटर का काम शुरू हो गया है। इससे आने वाले समय में घाटी में विदेशी पर्यटक भी दस्तक देंगे। जंजैहली और नाचन में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ललित शर्मा, दीपक कुमार, मनोज शर्मा का कहना है कि इन दिनों पर्यटन कारोबार रफ्तार पर है। मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने से भी लोग पहाड़ों की ठंडी हवा का लुत्फ लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
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सड़क की हालत दयनीय, शिकारी देवी तक पहुंचना जोखिम भरा
शिकारी देवी एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो चुका है लेकिन सड़क की हालत दयनीय है। यहां तक पहुंचना किसी खतरे से कम नहीं। भुलाह से लेकर शिकारी देवी तक आठ किमी की दूरी तय करने में सैलानियों और श्रद्धालुओं के पसीने छूट जाते हैं। यहां सड़क की मरम्मत की जरूरत है।
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माता के दर्शनों के साथ ही जंजैहली घाटी की हसीन वादियों का लुत्फ भी उठा रहे हैं। अप्रैल में माता शिकारी देवी मंदिर के कपाट खुले थे। तब से लेकर अब तक एक लाख सैलानी यहां पहुंच चुके हैं। सैलानियों के आने ने यहां होटल, ढाबा और अन्य व्यवसायियों की चांदी हो गई है।
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सराज घाटी के पर्यटन स्थल लोकप्रिय हो रहे हैं। यहां वीकेंड में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। शिकारी देवी के साथ कमरूनाग में भी रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। एसडीएम थुनाग सुरेंद्र मोहन ने बताया कि शिकारी देवी मंदिर में अप्रैल से कपाट खुलने के बाद अब तक करीब एक लाख सेे अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने मंदिर में शीश नवाया है।
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टूरिस्ट कल्चर सेंटर का काम शुरू
सीएम जयराम ठाकुर के प्रयासों से भुलाह में टूरिस्ट कल्चर सेंटर का काम शुरू हो गया है। इससे आने वाले समय में घाटी में विदेशी पर्यटक भी दस्तक देंगे। जंजैहली और नाचन में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ललित शर्मा, दीपक कुमार, मनोज शर्मा का कहना है कि इन दिनों पर्यटन कारोबार रफ्तार पर है। मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने से भी लोग पहाड़ों की ठंडी हवा का लुत्फ लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
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सड़क की हालत दयनीय, शिकारी देवी तक पहुंचना जोखिम भरा
शिकारी देवी एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो चुका है लेकिन सड़क की हालत दयनीय है। यहां तक पहुंचना किसी खतरे से कम नहीं। भुलाह से लेकर शिकारी देवी तक आठ किमी की दूरी तय करने में सैलानियों और श्रद्धालुओं के पसीने छूट जाते हैं। यहां सड़क की मरम्मत की जरूरत है।
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