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चिकित्सकों के पद न भरे तो 15 मार्च से प्रदर्शन
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:55 PM IST
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नबाही/सरकाघाट (मंडी)। ईसीएचएस अस्पताल सरकाघाट में चिकित्सकों के पदों को भरने की मांग पूरी न होता देख एक्स सर्विसमैन लीग ने 15 मार्च से हड़ताल और धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। आक्रोश जताते हुए लीग ने कमांड कार्यालय और अस्पताल प्रबंधन को चेताया है कि यदि उनकी मांग पूरी न हुई तो अस्पताल के सामने हड़ताल पर बैठ जाएंगे। एक्स सर्विसमैन यूनिट सरकाघाट के अध्यक्ष कैप्टन प्रकाश चंद एवं उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की पेंशन से काटी जा रही रकम का लाभ स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में मिलता नहीं दिख रहा है। 1000 प्रतिमाह पेंशन काटने के बावजूद सरकाघाट अस्पताल में चिकित्सकों, दवाओं की कमी से कार्ड होल्डरों को जूझना पड़ रहा है। पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मजाक बनाकर रख दिया है। यदि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं दे सकते तो पेंशन काटना बंद की जाए।
12 हजार के करीब हैं लाभार्थी
सरकाघाट में तकरीबन साढ़े 12 हजार के करीब पूर्व सैनिक और वीर नारियां पंजीकृत हैं। संधोल से लेकर त्रिफालघाट तक 70 किलोमीटर सफर करने के बाद उन्हें सरकाघाट ईसीएचएस में बिना डाक्टर और बिना दवाइयों के वापस जाना पड़ता है। ऐसे में एक्स सर्विसमैन और वीर नारियों को भारी दिक्कत होती है। सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधा न होने के चलते निजी अस्पतालों में अधिक जेब खर्च करके इलाज की सुविधा लेना मजबूरी है।
टूट चूका है सब्र का बांध
कैप्टन जगतराम (सेवानिवृत्त), कैप्टन प्रकाश, कैप्टन राम भज, कैप्टन ज्ञानचंद, चरणदास, ध्यान सिंह, सुखदेव सिंह, हरनाम सिंह, धन्नाराम, पार्वती देवी, रणजीत सिंह, लाइकराम, बंशीराम, बृजलाल भूप सिंह, नरेंद्र बनियाल, रणधीर सिंह, जगतसिंह, सुरेंद्र वर्मा, नरेश, प्यारो देवी, चरण सिंह, बांकाराम आदि ने कहा कि डॉक्टरों के लिए आर्मी ऑफिस अंबाला और स्टेशन कमांडर चंडी मंदिर से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन, उनकी समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा।
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12 हजार के करीब हैं लाभार्थी
सरकाघाट में तकरीबन साढ़े 12 हजार के करीब पूर्व सैनिक और वीर नारियां पंजीकृत हैं। संधोल से लेकर त्रिफालघाट तक 70 किलोमीटर सफर करने के बाद उन्हें सरकाघाट ईसीएचएस में बिना डाक्टर और बिना दवाइयों के वापस जाना पड़ता है। ऐसे में एक्स सर्विसमैन और वीर नारियों को भारी दिक्कत होती है। सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधा न होने के चलते निजी अस्पतालों में अधिक जेब खर्च करके इलाज की सुविधा लेना मजबूरी है।
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टूट चूका है सब्र का बांध
कैप्टन जगतराम (सेवानिवृत्त), कैप्टन प्रकाश, कैप्टन राम भज, कैप्टन ज्ञानचंद, चरणदास, ध्यान सिंह, सुखदेव सिंह, हरनाम सिंह, धन्नाराम, पार्वती देवी, रणजीत सिंह, लाइकराम, बंशीराम, बृजलाल भूप सिंह, नरेंद्र बनियाल, रणधीर सिंह, जगतसिंह, सुरेंद्र वर्मा, नरेश, प्यारो देवी, चरण सिंह, बांकाराम आदि ने कहा कि डॉक्टरों के लिए आर्मी ऑफिस अंबाला और स्टेशन कमांडर चंडी मंदिर से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन, उनकी समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा।
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