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कुदरत के कहर का भयावह मंजर दिखा गया 2017
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। साल 2017 अपराध और कुदरत के कहर के भयावह मंजर को समेटे हुए बीता। बहुचर्चित फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह हत्याकांड ने प्रदेश भर में कानून व्यवस्था की पोल खोली तो कोटरोपी हादसे ने सजग सरकारी व्यवस्था की झूठी तस्वीर को बेपर्दा किया। 13 अगस्त 2017 की रात प्राकृतिक आपदा का कहर टूट पड़ा। कोटरोपी में पहाड़ दरकने से 50 लोगों की जान चली गई। यात्रियों से भरी चंबा मनाली बस मलबे में दफन हो गई। हादसे में किसी को बचने का मौका नहीं मिला। जबकि एक और सरकारी बस मलबे की चपेट में आई जिसमें कुछ लोग बाल-बाल बच गए। सर्च आपरेशन करीब डेढ़ सप्ताह चला। कोटरोपी पहाड़ का हिस्सा पहले ही दरकने के संकेत दे रहा था। ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना भी दी थी। अगर प्रशासन जरा सजगता दिखाता तो मंजर शायद इतना भयावह न होता। वहीं साल के अंत में सुंदरनगर हादसे में शादी का जश्र मातम में बदला। 12 दिसंबर से सुदरनंगर से अंबाला जा रही टैंपो ट्रेवलर खाई में लुढ़की और छह की मौत हो गई।
13 अगस्त को कोटरोपी हादसे ने ली 50 जानें
12-13 अगस्त की मध्यरात्रि प्राकृतिक आपदा के इतिहास में एक बड़े हादसे ने पूरी देश को झकझोर कर रख दिया। पठानकोट-मंडी नेशनल हाइवे पर शनिवार रात को कोटरोपी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया। जिसकी चपेट में आकर चंबा से मनाली आ रही बस दूर तक बह गई। सभी सवारियां दफन हो गई। करीब 50 मौतें हुई। कुछ के शव अभी भी बरामद नहीं हो सके हैं। डेढ़ हफ्ते तक सर्च आपरेशन चला। कई अन्य वाहन भी चपेट में आए। इस दौरान प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई। पहाड़ दरकने के संकेत पहले ही ग्रामीणों ने प्रशासन को दिए थे।
12 दिसंबर को शादी बनी मातम
12 दिसंबर को जिला मंडी में सुंदरनगर के कांगू में टैंपो ट्रेवलर पलटने से बड़ा हादसा हुआ। चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाइवे पर कांगू के पास सुंदरनगर से अंबाला लौट रही बारातियों से भरी टैंपो ट्रेवलर एक बाइक सवार को बचाते 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। जबकि आठ घायल हुए। गंभीर हालत में चार लोगों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। वाहन में कुल 14 लोग सवार थे। हादसे में दूल्हे की मां, बुआ और फूफा की मौत हो गई जबकि पिता घायल हुए।
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13 अगस्त को कोटरोपी हादसे ने ली 50 जानें
12-13 अगस्त की मध्यरात्रि प्राकृतिक आपदा के इतिहास में एक बड़े हादसे ने पूरी देश को झकझोर कर रख दिया। पठानकोट-मंडी नेशनल हाइवे पर शनिवार रात को कोटरोपी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया। जिसकी चपेट में आकर चंबा से मनाली आ रही बस दूर तक बह गई। सभी सवारियां दफन हो गई। करीब 50 मौतें हुई। कुछ के शव अभी भी बरामद नहीं हो सके हैं। डेढ़ हफ्ते तक सर्च आपरेशन चला। कई अन्य वाहन भी चपेट में आए। इस दौरान प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई। पहाड़ दरकने के संकेत पहले ही ग्रामीणों ने प्रशासन को दिए थे।
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12 दिसंबर को शादी बनी मातम
12 दिसंबर को जिला मंडी में सुंदरनगर के कांगू में टैंपो ट्रेवलर पलटने से बड़ा हादसा हुआ। चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाइवे पर कांगू के पास सुंदरनगर से अंबाला लौट रही बारातियों से भरी टैंपो ट्रेवलर एक बाइक सवार को बचाते 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। जबकि आठ घायल हुए। गंभीर हालत में चार लोगों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। वाहन में कुल 14 लोग सवार थे। हादसे में दूल्हे की मां, बुआ और फूफा की मौत हो गई जबकि पिता घायल हुए।
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