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ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश से राहत
Updated Mon, 11 Dec 2017 06:42 PM IST
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मंडी। जिले के ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी से शीतलहर बढ़ गई है। सराजघाटी के शिकारी देवी और कमरूघाटी में बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही जंजैहली, करसोग, बरोट, चौहारघाटी, पांगणा में देरशाम तक बर्फबारी होने की संभावना बनी हुई है। वहीं, निचले क्षेत्र सुंदरनगर, नेरचौक, सरकाघाट, धर्मपुर और जोगिंद्रनगर में हल्की बारिश से ठंड बढ़ गई है।
सोमवार दोपहर बाद मौसम के करवट बदलते ही शिकारी देवी और कमरूघाटी में तीन बजे के बाद ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। वहीं, निचले क्षेत्रों में दो बजे के बाद ही हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई थी। देर शाम तक बारिश जारी रही। जिससे जिलाभर में ठंड बढ़ गई है। बर्फबारी के उम्मीद जगने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। वहीं, निचले क्षेत्रों में बारिश से गेहूं की बीजाई का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली है। जिले में कई जगहों पर बारिश न होने से गंदम की बीजाई भी किसान नहीं कर पा रहे थे। वहीं, जहां पर बिजाई कर दी गई थी, सूखे के कारण वहां पर भी फसल तबाह होने का संकट छा गया था। लेकिन, अब बारिश होने से किसानों को खासी राहत मिली है। बारिश में देरी होने के कारण किसानों की गेहूं की बिजाई प्रभावित हो रही थी। वहीं, बर्फबारी न होने के कारण बागवानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
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सोमवार दोपहर बाद मौसम के करवट बदलते ही शिकारी देवी और कमरूघाटी में तीन बजे के बाद ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। वहीं, निचले क्षेत्रों में दो बजे के बाद ही हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई थी। देर शाम तक बारिश जारी रही। जिससे जिलाभर में ठंड बढ़ गई है। बर्फबारी के उम्मीद जगने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। वहीं, निचले क्षेत्रों में बारिश से गेहूं की बीजाई का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली है। जिले में कई जगहों पर बारिश न होने से गंदम की बीजाई भी किसान नहीं कर पा रहे थे। वहीं, जहां पर बिजाई कर दी गई थी, सूखे के कारण वहां पर भी फसल तबाह होने का संकट छा गया था। लेकिन, अब बारिश होने से किसानों को खासी राहत मिली है। बारिश में देरी होने के कारण किसानों की गेहूं की बिजाई प्रभावित हो रही थी। वहीं, बर्फबारी न होने के कारण बागवानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
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