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करसोग अस्पताल में चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:01 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करसोग (मंडी)। नागरिक चिकित्सालय करसोग में चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जन कल्याण संघर्ष समिति करसोग ने मोर्चा खोल दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं पर रोष जताते हुए समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग यहां सेवाएं देने में नाकाम साबित हुआ है। डेढ़ लाख की आबादी का आंकड़ा पार कर चुके क्षेत्र के अस्पताल में चिकित्सकों की कमी जनता पर भारी पड़ रही है। महिला विशेषज्ञ न होने के कारण प्रसव के लिए महिलाओं को भारी तकलीफ झेलते हुए शिमला या मंडी का रुख करना पड़ रहा है। सर्जरी विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ, नाक-कान और गला विशेषज्ञ, बाल विशेषज्ञ आदि के पद नहीं भरे गए हैं। ऐसे में रोगियों को सरकारी स्वास्थ्य लाभ लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। समिति के पदाधिकारियों ने एसडीएम हितेश आजाद के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा है, जिसे मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार शिमला, निदेशक स्वास्थ्य विभाग, जिलाधीश मंडी, विधायक करसोग हीरालाल, खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग के ध्यानार्थ किया गया है। पूर्ण चंद कौंडल, श्याम सिंह चौहान, मेहर सिंह खुखलिया, भगवंत सिंह आदि का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में करसोग से शिमला अस्पताल तक पंहुचते-2 कई बार रोगियों को जिंदगी से हाथ तक धोना पड़ता है। करसोग क्षेत्र और आसपास की 65 पंचायतों से प्रतिदिन करीब 400-500 की ओपीडी अस्पताल में है लेकिन उस हिसाब से चिकित्सक नहीं हैं। यहां नौ से दस डॉक्टरों के अतिरिक्त पदों का सृजन होना चाहिए।
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करसोग (मंडी)। नागरिक चिकित्सालय करसोग में चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जन कल्याण संघर्ष समिति करसोग ने मोर्चा खोल दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं पर रोष जताते हुए समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग यहां सेवाएं देने में नाकाम साबित हुआ है। डेढ़ लाख की आबादी का आंकड़ा पार कर चुके क्षेत्र के अस्पताल में चिकित्सकों की कमी जनता पर भारी पड़ रही है। महिला विशेषज्ञ न होने के कारण प्रसव के लिए महिलाओं को भारी तकलीफ झेलते हुए शिमला या मंडी का रुख करना पड़ रहा है। सर्जरी विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ, नाक-कान और गला विशेषज्ञ, बाल विशेषज्ञ आदि के पद नहीं भरे गए हैं। ऐसे में रोगियों को सरकारी स्वास्थ्य लाभ लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। समिति के पदाधिकारियों ने एसडीएम हितेश आजाद के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा है, जिसे मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार शिमला, निदेशक स्वास्थ्य विभाग, जिलाधीश मंडी, विधायक करसोग हीरालाल, खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग के ध्यानार्थ किया गया है। पूर्ण चंद कौंडल, श्याम सिंह चौहान, मेहर सिंह खुखलिया, भगवंत सिंह आदि का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में करसोग से शिमला अस्पताल तक पंहुचते-2 कई बार रोगियों को जिंदगी से हाथ तक धोना पड़ता है। करसोग क्षेत्र और आसपास की 65 पंचायतों से प्रतिदिन करीब 400-500 की ओपीडी अस्पताल में है लेकिन उस हिसाब से चिकित्सक नहीं हैं। यहां नौ से दस डॉक्टरों के अतिरिक्त पदों का सृजन होना चाहिए।