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आज होगी देवलु नाटी, वाद्य यंत्र प्रतियोगिता
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मंडी। शिवरात्रि महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाली देवलू नाटी और वाद्ययंत्र प्रतियोगिता के लिए 60 देवी-देवताओं के कारदारों ने पंजीकरण करवाया।
यह प्रतियोगिता वीरवार को 12 बजे के करीब आयोजित की जाएगी। इसमें देव छंडैल गोहर, देवी कुकलाह बालीचौकी, देवी विहण घटासन, देव भूषण बांस बालीचौकी, देव बांस का मारकंडा बालीचौकी, देव आदि ब्रम्हा टिहरी, देवी नरैणवान की अंबिका बालीचौकी, देव लक्ष्मी नारायण परखोल बालीचौकी, देवी मुहलू की लक्ष्मी, देवी बांस अंबिका, देव सरौली मारकंडा, देवी मुरहाई की काश्मीरी, देव कोटलू नारायण, देव छांजणू, देव घड़ौणी नारायण, देव पशाकोट चौहारघाटी, देव तुंगासी, देवी महामाया सरसुली, देवी वायल नारायण, देव चुंजवाला, देवी भूमि भराड़ी भद्राकाली, देवता घटोत्कच बालीचौकी, देवीडाहर की अंबिका, देव नगलौणी, देव माहूंनाग टारना, देव गरहल, देव सुहड़ा, देवी शकांभरी, देव वरूनाग रेहड़धार, देव भरौणी शेषनाग, देवी अंबिका टिक्कर, देव सायरी बाबा कामेश्वर, देव पड़ासर का थान रेहड़ाधार, देव लोट का वीर, देवी मड़भाक्खन, देव सुहड़ा का गैहरी, देव गलू का गहरी, देव तुंगासी, देव चुंजवाला शिव, देव बथेरी का गहरी, देवता भरयाडू बालीचौकी, देवी बालू की जालपा, देव शेषनाग, देव जलौणी गणपति, देव सत्यनारायण चच्चोट, देव छमांहू, देव बागीथाच, देव नागणू कमांद, देव सरहिटू औट, देव अंसर दानू बालीचौकी, देव विष्णु मतलोड़ा, देव माहुरीगण, देव दयोला बागाचनोग, देवी कोयला राजगढ़, देव कमलाहिया बालीचौकी, देव सुभुनाग थुनाग आदि देवताओं का पंजीकरण किया गया। यह प्रतियोगिता वीरवार को आयोजित की जाएगी। सर्व देवता समिति के प्रधान शिवपाल शर्मा ने बताया कि वीरवार को वाद्य यंत्र और देवलू नाटी प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसमें पंजीकरण देवता अपनी नाटी प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि जो देवता इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहता है वह वीरवार को भी पंजीकरण करवा सकता है।
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यह प्रतियोगिता वीरवार को 12 बजे के करीब आयोजित की जाएगी। इसमें देव छंडैल गोहर, देवी कुकलाह बालीचौकी, देवी विहण घटासन, देव भूषण बांस बालीचौकी, देव बांस का मारकंडा बालीचौकी, देव आदि ब्रम्हा टिहरी, देवी नरैणवान की अंबिका बालीचौकी, देव लक्ष्मी नारायण परखोल बालीचौकी, देवी मुहलू की लक्ष्मी, देवी बांस अंबिका, देव सरौली मारकंडा, देवी मुरहाई की काश्मीरी, देव कोटलू नारायण, देव छांजणू, देव घड़ौणी नारायण, देव पशाकोट चौहारघाटी, देव तुंगासी, देवी महामाया सरसुली, देवी वायल नारायण, देव चुंजवाला, देवी भूमि भराड़ी भद्राकाली, देवता घटोत्कच बालीचौकी, देवीडाहर की अंबिका, देव नगलौणी, देव माहूंनाग टारना, देव गरहल, देव सुहड़ा, देवी शकांभरी, देव वरूनाग रेहड़धार, देव भरौणी शेषनाग, देवी अंबिका टिक्कर, देव सायरी बाबा कामेश्वर, देव पड़ासर का थान रेहड़ाधार, देव लोट का वीर, देवी मड़भाक्खन, देव सुहड़ा का गैहरी, देव गलू का गहरी, देव तुंगासी, देव चुंजवाला शिव, देव बथेरी का गहरी, देवता भरयाडू बालीचौकी, देवी बालू की जालपा, देव शेषनाग, देव जलौणी गणपति, देव सत्यनारायण चच्चोट, देव छमांहू, देव बागीथाच, देव नागणू कमांद, देव सरहिटू औट, देव अंसर दानू बालीचौकी, देव विष्णु मतलोड़ा, देव माहुरीगण, देव दयोला बागाचनोग, देवी कोयला राजगढ़, देव कमलाहिया बालीचौकी, देव सुभुनाग थुनाग आदि देवताओं का पंजीकरण किया गया। यह प्रतियोगिता वीरवार को आयोजित की जाएगी। सर्व देवता समिति के प्रधान शिवपाल शर्मा ने बताया कि वीरवार को वाद्य यंत्र और देवलू नाटी प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसमें पंजीकरण देवता अपनी नाटी प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि जो देवता इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहता है वह वीरवार को भी पंजीकरण करवा सकता है।
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