{"_id":"5ad0ab364f1c1b522c8b4568","slug":"11523624758-mandi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्शन में यूथ: सोशल मीडिया से नशे के सौदागरों पर शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्शन में यूथ: सोशल मीडिया से नशे के सौदागरों पर शिकंजा
Updated Fri, 13 Apr 2018 06:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक्शन में यूथ
सोशल मीडिया से नशे के सौदागरों पर शिकंजा
बल्ह को नशामुक्त करने की अनूठी पहल
ड्रग्स माफिया की दी जा रही जानकारी
इनपुट के आधार पर पुलिस को मिलने लगी सफलता
मंडी में ड्रग्स माफिया के नेटवर्क में मचा है हड़कंप
गोविंद ठाकुर
नेरचौक (मंडी)।
सोशल मीडिया पर सकारात्मक पहल हुई है। बल्ह के युवाओं ने इस पर नशा माफिया के खिलाफ मुहिम चलाई है। अपने क्षेत्र नलसर समेत बल्ह को नशामुक्त करने के लिए यह युवा ड्रग्स माफिया को सोशल मीडिया पर एक्सपोज कर रहे हैं। नशे के अड्डों, ड्रग्स पैडलर और नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की जानकारी सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। साथ ही पुलिस के कुछ अधिकारियों को भी टैग कर रहे हैं। पुलिस भी इनपुट के आधार पर दबिश देते हुए नशे के तस्करों को पकड़ने में कामयाब होने लगी है। न केवल पुलिस अधिकारियों बल्कि आम लोगों ने भी बल्ह के युवाओं की नशे के खिलाफ इस क्रांतिकारी सोच को सराहा है। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इन लोगों के सक्रिय होते ही नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है।
अलग अलग आईडी से डाल रहे पोस्ट, पुलिस फिर भी कामयाब
नशे को खत्म करने में लगे युवा अलग-अलग आईडी से पोस्ट डालने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं। नशे के अड्डों का इन पोस्ट में खुलासा किया जा रहा है। बाकायदा फेस धुंधले करके नशेड़ियों के नशा करते हुए फोटो भी वायरल किए जा रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ नाम सार्वजनिक भी हैं, लेकिन वह असल में हैं या नहीं, इसपर भी संशय है। जबकि पुलिस कार्रवाई में यह सूचनाएं सही साबित हो रही हैं।
4 माह 53 मामले: बड़े घरों के बेटे ड्रग माफिया के निशाने पर
बल्ह क्षेत्र यानी नेरचौक में सिंथेटिक ड्रग्स (स्मैक, ब्राउन शूगर/चिट्टा, प्रतिबंधित दवाओं) समेत चरस और अफीम का प्रचलन काफी बढ़ रहा है। सिंथेटिक ड्रग्स के लिए बड़े घरों के चिरागों को ड्रग्स माफिया टारगेट कर रहा है। एक सूचना के मुताबिक शहर में ही दर्जनों परिवार इन ड्रग्स का दंश झेल रहे हैं। नशे की चपेट में आने वाले घर के युवाओं पर पहरा तक बिठाना पड़ रहा है। मां बाप दिन रात ऐसे बच्चों की रखवाली कर रहे हैं। वहीं, पुलिस के आंकड़ों के तहत इस वर्ष चार माह में 53 नारकोटिक्स के तहत केस दर्ज हो चुके हैं। सभी मामलों में महंगा नशा ही पकड़ा गया है।
विज्ञापन
दो मामलों में हाथ लगी सफलता, इनपुट कारगर
एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने कहा कि बल्ह क्षेत्र नशे के लिहाज से सबसे संवेदनशील है। यहां पुलिस लंबे अरसे से जनता का सहयोग चाह रही थी। सोशल मीडिया ही सही, लेकिन कुछ युवा पुलिस के साथ देने के लिए तैयार हैं। सोशल मीडिया के इनपुट के आधार पर पुलिस ने पिछले पांच दिन में दो केस ट्रेस किए हैं। नशा माफिया में हड़कंप भी मचा है। हालांकि इन युवकों को सोशल मीडिया में नशे के सौदागरों के खिलाफ सक्रिय हुए चंद दिन ही हुए हैं। लेकिन, इनपुट के आधार पर पुलिस ने दो नशे के सौदागरों को पकड़ा है। जिनके कब्जे में हजारों का चिट्टा और चरस बरामद की है।
विज्ञापन
सोशल मीडिया से नशे के सौदागरों पर शिकंजा
बल्ह को नशामुक्त करने की अनूठी पहल
ड्रग्स माफिया की दी जा रही जानकारी
इनपुट के आधार पर पुलिस को मिलने लगी सफलता
मंडी में ड्रग्स माफिया के नेटवर्क में मचा है हड़कंप
गोविंद ठाकुर
नेरचौक (मंडी)।
सोशल मीडिया पर सकारात्मक पहल हुई है। बल्ह के युवाओं ने इस पर नशा माफिया के खिलाफ मुहिम चलाई है। अपने क्षेत्र नलसर समेत बल्ह को नशामुक्त करने के लिए यह युवा ड्रग्स माफिया को सोशल मीडिया पर एक्सपोज कर रहे हैं। नशे के अड्डों, ड्रग्स पैडलर और नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की जानकारी सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। साथ ही पुलिस के कुछ अधिकारियों को भी टैग कर रहे हैं। पुलिस भी इनपुट के आधार पर दबिश देते हुए नशे के तस्करों को पकड़ने में कामयाब होने लगी है। न केवल पुलिस अधिकारियों बल्कि आम लोगों ने भी बल्ह के युवाओं की नशे के खिलाफ इस क्रांतिकारी सोच को सराहा है। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इन लोगों के सक्रिय होते ही नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है।
अलग अलग आईडी से डाल रहे पोस्ट, पुलिस फिर भी कामयाब
नशे को खत्म करने में लगे युवा अलग-अलग आईडी से पोस्ट डालने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं। नशे के अड्डों का इन पोस्ट में खुलासा किया जा रहा है। बाकायदा फेस धुंधले करके नशेड़ियों के नशा करते हुए फोटो भी वायरल किए जा रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ नाम सार्वजनिक भी हैं, लेकिन वह असल में हैं या नहीं, इसपर भी संशय है। जबकि पुलिस कार्रवाई में यह सूचनाएं सही साबित हो रही हैं।
विज्ञापन
4 माह 53 मामले: बड़े घरों के बेटे ड्रग माफिया के निशाने पर
बल्ह क्षेत्र यानी नेरचौक में सिंथेटिक ड्रग्स (स्मैक, ब्राउन शूगर/चिट्टा, प्रतिबंधित दवाओं) समेत चरस और अफीम का प्रचलन काफी बढ़ रहा है। सिंथेटिक ड्रग्स के लिए बड़े घरों के चिरागों को ड्रग्स माफिया टारगेट कर रहा है। एक सूचना के मुताबिक शहर में ही दर्जनों परिवार इन ड्रग्स का दंश झेल रहे हैं। नशे की चपेट में आने वाले घर के युवाओं पर पहरा तक बिठाना पड़ रहा है। मां बाप दिन रात ऐसे बच्चों की रखवाली कर रहे हैं। वहीं, पुलिस के आंकड़ों के तहत इस वर्ष चार माह में 53 नारकोटिक्स के तहत केस दर्ज हो चुके हैं। सभी मामलों में महंगा नशा ही पकड़ा गया है।
विज्ञापन
दो मामलों में हाथ लगी सफलता, इनपुट कारगर
एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने कहा कि बल्ह क्षेत्र नशे के लिहाज से सबसे संवेदनशील है। यहां पुलिस लंबे अरसे से जनता का सहयोग चाह रही थी। सोशल मीडिया ही सही, लेकिन कुछ युवा पुलिस के साथ देने के लिए तैयार हैं। सोशल मीडिया के इनपुट के आधार पर पुलिस ने पिछले पांच दिन में दो केस ट्रेस किए हैं। नशा माफिया में हड़कंप भी मचा है। हालांकि इन युवकों को सोशल मीडिया में नशे के सौदागरों के खिलाफ सक्रिय हुए चंद दिन ही हुए हैं। लेकिन, इनपुट के आधार पर पुलिस ने दो नशे के सौदागरों को पकड़ा है। जिनके कब्जे में हजारों का चिट्टा और चरस बरामद की है।