फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   इक नदी जो खप गई बहते-बहते-इक धरा जो दब गई सहते-सहते

इक नदी जो खप गई बहते-बहते-इक धरा जो दब गई सहते-सहते

Sun, 31 Dec 2017 10:32 PM IST
Updated Sun, 31 Dec 2017 10:32 PM IST
विज्ञापन
इक नदी जो खप गई बहते-बहते-इक धरा जो दब गई सहते-सहते
- फोटो : अमर उजाला
मंडी। मशहूर कवयित्री डॉ. कांता शर्मा की स्मृति में विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति हाल भवन में किया गया। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व सचिव एवं कवि प्रभात शर्मा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। जबकि वरिष्ठ कवि एवं प्रगतिशील लेखक संघ के राज्य अध्यक्ष दीनू कश्यप ने समारोह की अध्यक्षता की। वरिष्ठ चिंतक एवं लोक संस्कृति कर्मी केशव चंद्र और केआर पंछी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। डा. विजय विशाल ने कहा कि मंडी के सांस्कृतिक राजधानी की सार्थकता को बरकरार रखने के लिए हमें इस तरह के साहित्यिक आयोजनों को निरंतर करते रहना होगा। वहीं, वरिष्ठ कवि दीनू कश्यप ने कहा कि डा. कांता शर्मा हिमाचल की महिला लेखन की सशक्त एवं बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी लेखिका थीं। उन्होंने अपने व्यवहार से साहित्य जगत को अपने साथ जोड़ रखा था। इस मौके पर प्रभात शर्मा, डा. कमल प्यासा, रूपेश्वरी शर्मा, कर्नल जे कुमार, उमेश गौतम, डा. आरके गुप्ता, प्रियवंदा, भगत सिंह गुलेरिया, डा. कमल प्यासा, आकांक्षा, रमेश मस्ताना, डा. विजय विशाल, केशवचंद्र, केआर पंछी और कृष्णा ठाकुर ने कविता पाठ किया। कृष्णा ने कांता शर्मा की याद में कविता इक नदी जो खप गई बहते-बहते...इक धरा जो दब गई सहते-सहते से कवि सम्मेलन को आगे बढ़ाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed