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अब सिराज घाटी में भी मिलेगी गुणकारी ट्राउट फिश
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:02 PM IST
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मछली
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गोहर (मंडी)। स्वास्थ्य के लिए उम्दा माने जाने वाली ट्राउट फिश का उत्पादन अब मंडी जिले की सिराज वैली में भी हो सकेगा। ज्युणी और देवीदहड़ घाटी में ट्राउट के ट्रायल को सफलता मिली है। खड्ड का पानी ट्राउट के लिए अति उत्तम पाया गया है। जिससे यहां बड़े पैमाने का ट्राउट उत्पादन करने की मत्स्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अगर यह कवायद रंग लाई तो लोगों के लिए स्वरोजगार के द्वार भी खुलेंगे। वर्तमान में मंडी जिले की बरोट घाटी में ट्राउट उत्पादन हो रहा है। यहां की फिश हिमाचल समेत पड़ोसी राज्यों में भी काफी मशहूर है। वर्तमान में ट्राउट मछली की कीमत बाजार में 5 सौ रुपये किलो है। किसान अगर 1 क्विंटल ट्राउट मछली तैयार करता है तो उसको सीधे 50 हजार रुपए मिलेंगे।
15 क्विंटल ट्राउट फिश तैयार : उपनिदेशक
मत्स्य पालन विभाग के मंडी स्थित उपनिदेशक खेम सिंह ठाकुर ने ज्युणी घाटी में ट्राउट फिश फार्मिंग सफल होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन विभाग बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के लिए तत्पर है। ज्युणी घाटी के प्रेम सिंह ने ट्राउट फिश तैयार कर घाटी के अन्य युवाओं को भी इस फार्मिंग के लिए प्रेरित किया है। निगारी में करनाला गांव के किसान प्रेम सिंह ने 34 वर्ग मीटर के टैंक में करीब 10 से 15 क्विंटल ट्राउट फिश तैयार कर दी है।
यहां भी है ट्राउट की बेहतर संभावनाएं
सिराज वैली में गोहर क्षेत्र का अहम स्थान है। यहां की हसीन वादियों में सैर सपाटा करने आने वाले पर्यटकों को भी ट्राउट फिश मिलेगी। मत्स्य विभाग के मुताबिक मंडी जिला के जंजैहली, गाडागुशैणी, छतरी इलाके भी ट्राउट मछली पालन के लिए उत्तम है। जहां ट्राउट को बढ़ावा दिया जाएगा।
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यह हैं सरकारी योजनाएं
मत्स्य पालन विभाग किसानों को आर्थिक तौर पर भी लाभ देता है और तकनीकी तौर पर भी। समान्य वर्ग के लिए 40 फीसदी अनुदान दिया जाता है और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी अनुदान दिया जाता है। जिससे बेरोजगार युवा ट्राउट मछली पालन को शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ट्राउट फिश फार्मिंग से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
कैंसर से लेकर उच्च रक्तचाप को दूर रखती है ट्राउट
नेशनल न्यूट्रिएंटस डाटाबेस फार स्टैंडर्ड (यूएसडीए) के मुताबिक जो लोग नियमित रूप से ट्राउट मछली का सेवन करते हैं, उन्हें कैंसर होने का खतरा कम होता है। ट्राउट में ओमेगा-3 फैटी एसिड बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। जो कैंसर से बचाव करता है। इसे खाने से ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर से बचाव होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व मस्तिष्क को तेज करने का काम करते हैं। मछली में मौजूद फैटी एसिड दिमाग को तेज करता है और स्मरण शक्ति बढ़ाता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन से मस्तिष्क की नई कोशिकाओं का निर्माण होता है। हार्ट पेशेंट्स के लिए मछली बहुत फायदेमंद साबित हुई है। मछली में लो फैट होता है, जिसकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ने नहीं पाती है।
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15 क्विंटल ट्राउट फिश तैयार : उपनिदेशक
मत्स्य पालन विभाग के मंडी स्थित उपनिदेशक खेम सिंह ठाकुर ने ज्युणी घाटी में ट्राउट फिश फार्मिंग सफल होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन विभाग बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के लिए तत्पर है। ज्युणी घाटी के प्रेम सिंह ने ट्राउट फिश तैयार कर घाटी के अन्य युवाओं को भी इस फार्मिंग के लिए प्रेरित किया है। निगारी में करनाला गांव के किसान प्रेम सिंह ने 34 वर्ग मीटर के टैंक में करीब 10 से 15 क्विंटल ट्राउट फिश तैयार कर दी है।
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यहां भी है ट्राउट की बेहतर संभावनाएं
सिराज वैली में गोहर क्षेत्र का अहम स्थान है। यहां की हसीन वादियों में सैर सपाटा करने आने वाले पर्यटकों को भी ट्राउट फिश मिलेगी। मत्स्य विभाग के मुताबिक मंडी जिला के जंजैहली, गाडागुशैणी, छतरी इलाके भी ट्राउट मछली पालन के लिए उत्तम है। जहां ट्राउट को बढ़ावा दिया जाएगा।
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यह हैं सरकारी योजनाएं
मत्स्य पालन विभाग किसानों को आर्थिक तौर पर भी लाभ देता है और तकनीकी तौर पर भी। समान्य वर्ग के लिए 40 फीसदी अनुदान दिया जाता है और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी अनुदान दिया जाता है। जिससे बेरोजगार युवा ट्राउट मछली पालन को शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ट्राउट फिश फार्मिंग से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
कैंसर से लेकर उच्च रक्तचाप को दूर रखती है ट्राउट
नेशनल न्यूट्रिएंटस डाटाबेस फार स्टैंडर्ड (यूएसडीए) के मुताबिक जो लोग नियमित रूप से ट्राउट मछली का सेवन करते हैं, उन्हें कैंसर होने का खतरा कम होता है। ट्राउट में ओमेगा-3 फैटी एसिड बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। जो कैंसर से बचाव करता है। इसे खाने से ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर से बचाव होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व मस्तिष्क को तेज करने का काम करते हैं। मछली में मौजूद फैटी एसिड दिमाग को तेज करता है और स्मरण शक्ति बढ़ाता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन से मस्तिष्क की नई कोशिकाओं का निर्माण होता है। हार्ट पेशेंट्स के लिए मछली बहुत फायदेमंद साबित हुई है। मछली में लो फैट होता है, जिसकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ने नहीं पाती है।