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कुर्सी पर उठाकर आठ किमी पैदल सफर तय कर अस्पताल पहुंचाया घायल रोगी
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:59 PM IST
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मंडी। जिला मुख्यालय से महज 18 किमी दूर स्थित कोटमोर्स पंचायत के बहलीधार वार्ड में हालात दुर्गम क्षेत्रों की तरह ही है। आजादी के सात दशक बाद भी बहलीधार वार्ड के चार गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। हालात यह है कि इन गांवों 300 के लगभग आबादी को एनएच तक पहुंचने के लिए सात से आठ किमी का पैदल सफर हर दिन तय करना पड़ता है। यहां पर मरीजों को अभी तक पीठ पर उठाकर एनएच 21 सात मील के पास पहुंचाना पड़ता है। गत रविवार को बहलीधार वार्ड के करसाण गांव के व्यक्ति शेर सिंह पुत्र तेज राम को पांव में चोट लग गई। शेर सिंह को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने उसे छह किमी कुर्सी पर उठाकर एनएच तक पहुंचाया। शेर सिंह जोनल अस्पताल मंडी में रेफर हैं। इस वार्ड के स्कूली बच्चों को भी सड़क सुविधा न होने के चलते जंगली रास्ते से सात किमी दूर पैदल घ्राण स्कूल पहुंचना पड़ता है। यह पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा के विस क्षेत्र के हालात हैं। यहां पर अकसर मरीजों को पालकी और कुर्सी पर उठाकर ही अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। इस वार्ड के चार गांव करसाणा, सपैची, हलौगी, तरहाणा अभी तक सड़क सुविधा से वंचित हैं। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ डीआर राणा ने कहा कि सात मील से कैंची मोड़ तक सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए फोरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद निर्माण शुरू किया जाएगा।
10 वर्षों से सड़क निर्माण के लिए मिल रहा आश्वासन
ग्रामीणों में शेष राम, सुंदर सिंह, पदम सिंह, दुर्गा सिंह, वीर सिंह, इंद्र सिंह, शिवलाल, कपूर सिंह, भाग सिंह, केहर सिंह, चंद्र सिंह, मय राम, तेज राम ने कहा कि कई बार पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा को समस्या के बारे में बताया गया है। हर बार सड़क निकालने का आश्वासन दिया जाता है। लेकिन, दो दशकों के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई है। हालात यह है कि 10 सालों से यहां पर नेता सड़क सुविधा देने का आश्वासन दे रहे हैं। लेकिन, वन विभाग की क्लीयरेंस तक नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि सात मील से कैंची मोड़ तक इस सड़क के बनने से ग्रामीणों को पैदल सफर से कुछ हद तक राहत मिलेगी। लेकिन, 10 सालों से आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है।
विस चुनाव के बहिष्कार के सिवाय कोई चारा नहीं : वार्ड मेंबर
कोटमोर्स पंचायत के बहलीधार वार्ड के मेंबर सोहन लाल ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल के समय से उनके बुजुर्ग सड़क की मांग कर रहे हैं। वह अपने स्तर पर पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा से भी कई बार मिल चुके हैं। लेकिन, आश्वासन ही मिले हैं। अब उनके पास विस चुनावों के बहिष्कार के अलावा कोई चारा नहीं है। सालों से कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। प्रतिनिधियों को चुनकर भी उन्हें क्या फायदा होगा।
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10 वर्षों से सड़क निर्माण के लिए मिल रहा आश्वासन
ग्रामीणों में शेष राम, सुंदर सिंह, पदम सिंह, दुर्गा सिंह, वीर सिंह, इंद्र सिंह, शिवलाल, कपूर सिंह, भाग सिंह, केहर सिंह, चंद्र सिंह, मय राम, तेज राम ने कहा कि कई बार पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा को समस्या के बारे में बताया गया है। हर बार सड़क निकालने का आश्वासन दिया जाता है। लेकिन, दो दशकों के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई है। हालात यह है कि 10 सालों से यहां पर नेता सड़क सुविधा देने का आश्वासन दे रहे हैं। लेकिन, वन विभाग की क्लीयरेंस तक नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि सात मील से कैंची मोड़ तक इस सड़क के बनने से ग्रामीणों को पैदल सफर से कुछ हद तक राहत मिलेगी। लेकिन, 10 सालों से आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है।
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विस चुनाव के बहिष्कार के सिवाय कोई चारा नहीं : वार्ड मेंबर
कोटमोर्स पंचायत के बहलीधार वार्ड के मेंबर सोहन लाल ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल के समय से उनके बुजुर्ग सड़क की मांग कर रहे हैं। वह अपने स्तर पर पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा से भी कई बार मिल चुके हैं। लेकिन, आश्वासन ही मिले हैं। अब उनके पास विस चुनावों के बहिष्कार के अलावा कोई चारा नहीं है। सालों से कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। प्रतिनिधियों को चुनकर भी उन्हें क्या फायदा होगा।
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