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पांगणा से शिमला तक चलाई जाए एचआरटीसी की बस
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:32 PM IST
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पांगणा से शिमला तक चलाई जाए बस
व्यापार मंडल पांगणा ने सीएम को भेजा मांगपत्र
सुबह साढ़े चार बजे करसोग से चले बस
अमर उजाला ब्यूरो
करसोग/पांगणा (मंडी)। व्यापार मंडल पांगणा ने सरकार से पांगणा से शिमला तक सरकारी बस चलाने की मांग की है। व्यापार मंडल पांगणा के प्रधान सुमित गुप्ता, सचिव नितिश गुप्ता और ग्राम पंचायत पांगणा प्रधान शांता शर्मा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस संबंध में पत्र लिखा है। लोगों का कहना है कि 1981 से पांगणा-शिमला सड़क वाहन योग्य होने के बावजूद पांगणा से शिमला तक कोई बस नहीं चल पाई है। वरिष्ठ समाजसेवी डॉक्टर जगदीश शर्मा, व्यापार मंडल उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, सह सचिव इंद्र राज शर्मा, कोषाध्यक्ष कैलाश महाजन, दिलीप महाजन, गौरव चौहान, लुदरमणी ठाकुर, खुशाल गुप्ता आदि ने प्रदेश सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए बताया कि अगर इस बस सेवा को शुरू किया जाए तो उपतहसील पांगणा के तहत 10 पंचायतों की 35 हजार आबादी के साथ दूसरी पंचायतों के निवासियों को भी इस सेवा का लाभ होगा। वहीं, यहां के लोगों को अपने कई कार्यों के लिए अक्सर शिमला जाना पड़ता है। समय पर कोई बस नहीं होने के कारण लोगों को अपने कार्य के लिए एक दिन पहले ही शिमला जाना पड़ता है। इसमें लोगों को रहने-खाने के लिए भारी धन खर्च करना पड़ता है। लोगों का कहना है अगर बस पांगणा से सुबह 4:30 बजे चले और शाम को 5 बजे के करीब लौटे तो आईजीएमसी में इलाज कराने वाले मरीज सुबह 9 बजे चिकित्सालय पहुंचकर सभी काम करवाकर इसी बस में वापस घर लौट सकते हैं।
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व्यापार मंडल पांगणा ने सीएम को भेजा मांगपत्र
सुबह साढ़े चार बजे करसोग से चले बस
अमर उजाला ब्यूरो
करसोग/पांगणा (मंडी)। व्यापार मंडल पांगणा ने सरकार से पांगणा से शिमला तक सरकारी बस चलाने की मांग की है। व्यापार मंडल पांगणा के प्रधान सुमित गुप्ता, सचिव नितिश गुप्ता और ग्राम पंचायत पांगणा प्रधान शांता शर्मा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस संबंध में पत्र लिखा है। लोगों का कहना है कि 1981 से पांगणा-शिमला सड़क वाहन योग्य होने के बावजूद पांगणा से शिमला तक कोई बस नहीं चल पाई है। वरिष्ठ समाजसेवी डॉक्टर जगदीश शर्मा, व्यापार मंडल उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, सह सचिव इंद्र राज शर्मा, कोषाध्यक्ष कैलाश महाजन, दिलीप महाजन, गौरव चौहान, लुदरमणी ठाकुर, खुशाल गुप्ता आदि ने प्रदेश सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए बताया कि अगर इस बस सेवा को शुरू किया जाए तो उपतहसील पांगणा के तहत 10 पंचायतों की 35 हजार आबादी के साथ दूसरी पंचायतों के निवासियों को भी इस सेवा का लाभ होगा। वहीं, यहां के लोगों को अपने कई कार्यों के लिए अक्सर शिमला जाना पड़ता है। समय पर कोई बस नहीं होने के कारण लोगों को अपने कार्य के लिए एक दिन पहले ही शिमला जाना पड़ता है। इसमें लोगों को रहने-खाने के लिए भारी धन खर्च करना पड़ता है। लोगों का कहना है अगर बस पांगणा से सुबह 4:30 बजे चले और शाम को 5 बजे के करीब लौटे तो आईजीएमसी में इलाज कराने वाले मरीज सुबह 9 बजे चिकित्सालय पहुंचकर सभी काम करवाकर इसी बस में वापस घर लौट सकते हैं।