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कोर्ट में पेशी से 24 घंटे पहले खुद हटाए कब्जे
Updated Wed, 29 Nov 2017 10:30 PM IST
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सरकाघाट में फड़ी को हटाता दुकानदार।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
सरकाघाट (मंडी)। कोर्ट के आदेशों के बाद अब सरकाघाट में रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने कब्जों को स्वयं ही हटा दिया है। मामले में वीरवार को जिला प्रशासन, एसडीएम और नगर निकायों के पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों की पेशी थी। लेकिन, प्रशासन के अनुरोध के बाद पेशी से ठीक एक दिन पहले ही धारकों ने यहां पर खोखों को खाली करना शुरू कर दिया है। इससे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने ये कब्जे खुद ही रेहड़ी फड़ी वालों ने हटा लिए हैं। बताया जा रहा है कि इन खोखा धारकों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों को सरकाघाट के कमल बाजार में जगह दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन और स्थानीय नगर निकाय ने प्लान तैयार कर लिया है। हालांकि, अभी तक इन्हें यहां पर पूरी तरह से बसाने की पूरी योजना धरातल पर नहीं उतरी है। लेकिन, प्रशासन से मिले आश्वासन से कब्जाधारकों ने कब्जे छोड़ना शुरू कर दिए हैं।
अधिकारियों ने मनाए कब्जाधारी
सरकाघाट में राष्ट्रीय उच्च मार्ग 70 और सरकाघाट-घुमारवीं सुपरहाइवे पर 82 रेहड़ी-फड़ी संचालकों को हटाने के प्रशासन को आदेश जारी हुए थे। लेकिन, अरसे बाद भी यहां पर खोखे नहीं हटाए गए। जब अदालत के आदेशों की अनुपालना नहीं हुई तो याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता द्वारा अवमानना याचिका दायर की गई। इस पर न्यायालय ने अपने आदेश में जिलाधीश मंडी, एसडीएम सरकाघाट, अध्यक्ष नगर पंचायत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय उच्च मार्ग और अधिशासी अभियंता लोक निर्माण मंडल सरकाघाट से जवाब तलब कर इस मामले में सभी को 30 नवंबर को व्यक्ति रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश जारी किए थे। अदालत की ओर से निर्धारित की गई तिथि से पहले ही उपमंडल स्तर पर अधिकारियों की बैठकों का दौर शुरू हो गया था। प्रशासन ने कब्जाधारियों को निश्चित तौर पर 30 नवंबर से पहले अपने खोखों और रेहड़ी-फड़ियों को हटाने के नोटिस जारी किए थे। साथ ही उनके पुनर्वास के लिए भी मास्टर प्लान तैयार कर के जिला प्रशासन को भेज दिया गया।
नगर पंचायत से मिला पुनर्वास का आश्वासन
रेहड़ी-फड़ी यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार और सचिव राकेश कुमार ने बताया कि वह सड़क से अपने खोखों और रेहड़ियों को नगर पंचायत के प्रतिनिधियों के आश्वासन पर हटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमल मार्केट में उन्हें जगह देने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही मीट मार्केट को भी हटा कर उनको कमल मार्केट में दुकानें देने का आश्वासन दिया गया है।
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कब्जाधारियों को मिलेगा उचित स्थान : संदीप
नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप कौशल ने बताया कि खोखों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों को विश्वास में लेकर उनको उचित स्थान पर बसाया जा रहा है। हर व्यक्ति के हितों का ध्यान रखना नपं की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कब्जे हटा दिए गए हैं। कुछ नहीं हटे हैं तो हटा दिए जाएंगे।
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सरकाघाट (मंडी)। कोर्ट के आदेशों के बाद अब सरकाघाट में रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने कब्जों को स्वयं ही हटा दिया है। मामले में वीरवार को जिला प्रशासन, एसडीएम और नगर निकायों के पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों की पेशी थी। लेकिन, प्रशासन के अनुरोध के बाद पेशी से ठीक एक दिन पहले ही धारकों ने यहां पर खोखों को खाली करना शुरू कर दिया है। इससे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने ये कब्जे खुद ही रेहड़ी फड़ी वालों ने हटा लिए हैं। बताया जा रहा है कि इन खोखा धारकों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों को सरकाघाट के कमल बाजार में जगह दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन और स्थानीय नगर निकाय ने प्लान तैयार कर लिया है। हालांकि, अभी तक इन्हें यहां पर पूरी तरह से बसाने की पूरी योजना धरातल पर नहीं उतरी है। लेकिन, प्रशासन से मिले आश्वासन से कब्जाधारकों ने कब्जे छोड़ना शुरू कर दिए हैं।
अधिकारियों ने मनाए कब्जाधारी
सरकाघाट में राष्ट्रीय उच्च मार्ग 70 और सरकाघाट-घुमारवीं सुपरहाइवे पर 82 रेहड़ी-फड़ी संचालकों को हटाने के प्रशासन को आदेश जारी हुए थे। लेकिन, अरसे बाद भी यहां पर खोखे नहीं हटाए गए। जब अदालत के आदेशों की अनुपालना नहीं हुई तो याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता द्वारा अवमानना याचिका दायर की गई। इस पर न्यायालय ने अपने आदेश में जिलाधीश मंडी, एसडीएम सरकाघाट, अध्यक्ष नगर पंचायत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय उच्च मार्ग और अधिशासी अभियंता लोक निर्माण मंडल सरकाघाट से जवाब तलब कर इस मामले में सभी को 30 नवंबर को व्यक्ति रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश जारी किए थे। अदालत की ओर से निर्धारित की गई तिथि से पहले ही उपमंडल स्तर पर अधिकारियों की बैठकों का दौर शुरू हो गया था। प्रशासन ने कब्जाधारियों को निश्चित तौर पर 30 नवंबर से पहले अपने खोखों और रेहड़ी-फड़ियों को हटाने के नोटिस जारी किए थे। साथ ही उनके पुनर्वास के लिए भी मास्टर प्लान तैयार कर के जिला प्रशासन को भेज दिया गया।
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नगर पंचायत से मिला पुनर्वास का आश्वासन
रेहड़ी-फड़ी यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार और सचिव राकेश कुमार ने बताया कि वह सड़क से अपने खोखों और रेहड़ियों को नगर पंचायत के प्रतिनिधियों के आश्वासन पर हटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमल मार्केट में उन्हें जगह देने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही मीट मार्केट को भी हटा कर उनको कमल मार्केट में दुकानें देने का आश्वासन दिया गया है।
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कब्जाधारियों को मिलेगा उचित स्थान : संदीप
नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप कौशल ने बताया कि खोखों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों को विश्वास में लेकर उनको उचित स्थान पर बसाया जा रहा है। हर व्यक्ति के हितों का ध्यान रखना नपं की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कब्जे हटा दिए गए हैं। कुछ नहीं हटे हैं तो हटा दिए जाएंगे।