{"_id":"6851bb9b29d67106c7034c0c","slug":"wrong-hospital-bill-created-due-to-clerical-mistake-kullu-news-c-89-1-ssml1015-150126-2025-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: लिपिकीय गलती से बना अस्पताल का गलत बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: लिपिकीय गलती से बना अस्पताल का गलत बिल
Thu, 19 Jun 2025 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 19 Jun 2025 12:27 AM IST
विज्ञापन
मरीज के उपचार और ऑपरेशन का बिल था 15,000
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला के प्रवेश द्वार भुंतर के साथ लगते हाथीथान क्षेत्र में स्थापित एक निजी अस्पताल का बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इस वायरल बिल के अनुसार मरीज से महज साढ़े तीन घंटे के उपचार का रूम चार्ज ही 32,450 रुपये वसूला गया है, जिस पर लाेगों ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। ऐसे में जब अमर उजाला ने इस वायरल बिल की हकीकत को खंगाला, तो पाया कि जिस मरीज को यह बिल थमाया गया था। वह कमरे का किराया नहीं था, बल्कि उपचार और टांग के ऑपरेशन का बिल शामिल था। इसकी कुल राशि 15,000 रुपये बनी थी, लेकिन अस्पताल की लिपिकीय गलती के कारण बिल 33,000 बना।
अस्पताल में मरीज को उपचार के लिए 15 जून को सुबह 08:32 बजे भर्ती किया गया था। मरीज का ऑपरेशन होना था। हालांकि, चिकित्सकों ने मरीज का ऑपरेशन किया और दोपहर 12:02 बजे मरीज को डिस्चार्ज (छुट्टी) किया। अस्पताल के प्रबंध निदेशक मुनीष भाटिया ने कहा कि अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन हुआ है। मरीज के उपचार व ऑपरेशन का कुल खर्च 15,000 रुपये है। उन्होंने कहा कि मरीज के तीमारदारों से महज 15,000 रुपये की राशि ली गई है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला के प्रवेश द्वार भुंतर के साथ लगते हाथीथान क्षेत्र में स्थापित एक निजी अस्पताल का बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इस वायरल बिल के अनुसार मरीज से महज साढ़े तीन घंटे के उपचार का रूम चार्ज ही 32,450 रुपये वसूला गया है, जिस पर लाेगों ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। ऐसे में जब अमर उजाला ने इस वायरल बिल की हकीकत को खंगाला, तो पाया कि जिस मरीज को यह बिल थमाया गया था। वह कमरे का किराया नहीं था, बल्कि उपचार और टांग के ऑपरेशन का बिल शामिल था। इसकी कुल राशि 15,000 रुपये बनी थी, लेकिन अस्पताल की लिपिकीय गलती के कारण बिल 33,000 बना।
अस्पताल में मरीज को उपचार के लिए 15 जून को सुबह 08:32 बजे भर्ती किया गया था। मरीज का ऑपरेशन होना था। हालांकि, चिकित्सकों ने मरीज का ऑपरेशन किया और दोपहर 12:02 बजे मरीज को डिस्चार्ज (छुट्टी) किया। अस्पताल के प्रबंध निदेशक मुनीष भाटिया ने कहा कि अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन हुआ है। मरीज के उपचार व ऑपरेशन का कुल खर्च 15,000 रुपये है। उन्होंने कहा कि मरीज के तीमारदारों से महज 15,000 रुपये की राशि ली गई है।
विज्ञापन