{"_id":"66b20bae96befae49c0a4c22","slug":"withdraw-the-decision-of-state-cadre-for-dc-office-employees-federation-kullu-news-c-89-1-klu1001-128238-2024-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीसी कार्यालय कर्मचारियों के लिए राज्य कैडर के निर्णय को वापिस लें : महासंघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीसी कार्यालय कर्मचारियों के लिए राज्य कैडर के निर्णय को वापिस लें : महासंघ
Wed, 07 Aug 2024 05:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 07 Aug 2024 05:06 AM IST
विज्ञापन
कुल्लू में उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी प्रैस वार्ता करते हुए। -संवाद
कुल्लू। उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ जिला कुल्लू ने उपायुक्त कार्यालय कर्मचारियों के राज्य कैडर के निर्णय को वापिस लेने की मांग की है। मंगलवार को कुल्लू में आयोजित एक प्रेस वार्ता में महासंघ के अध्यक्ष मनीष गुलेरिया ने सरकार से यह मांग उठाई है।
मनीष गुलेरिया ने कहा कि पिछले साल तीन अक्तूबर को सरकार ने उपायुक्त कार्यालय कर्मचारियों का राज्य कैडर करने का निर्णय लिया था, जिससे कर्मचारियों में चिंता उत्पन्न हुई है। कर्मचारियों को इस बात का डर है कि कहीं इस निर्णय से उनकी पदोन्नति और वरिष्ठता पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
सरकार ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उन्हें इसके लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार राज्य कैडर बनाती है तो कंट्रोलिंग अथॉरिटी उपायुक्त को ही रखा जाए। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दिनों पटवारी और कानूनगो का भी सरकार ने जिला से राज्य कैडर कर दिया है, और वे इसका विरोध कर रहे हैं। पटवारी और कानूनगो मांग कर रहे हैं कि उन्हें नायब तहसीलदार के पद पर 20 प्रतिशत कोटा दिया जाए, जो कि महासंघ के अनुसार, गलत मांग है।
विज्ञापन
महासंघ ने मांग की है कि उपायुक्त कार्यालय कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के पद पर मिलने वाले कोटे को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया जाए। इस मांग के समर्थन में महासंघ के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष तापे राम और अन्य कर्मचारी, जैसे निशा वर्मा, ने भी अपने विचार रखे।
विज्ञापन
मनीष गुलेरिया ने कहा कि पिछले साल तीन अक्तूबर को सरकार ने उपायुक्त कार्यालय कर्मचारियों का राज्य कैडर करने का निर्णय लिया था, जिससे कर्मचारियों में चिंता उत्पन्न हुई है। कर्मचारियों को इस बात का डर है कि कहीं इस निर्णय से उनकी पदोन्नति और वरिष्ठता पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
विज्ञापन
सरकार ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उन्हें इसके लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार राज्य कैडर बनाती है तो कंट्रोलिंग अथॉरिटी उपायुक्त को ही रखा जाए। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दिनों पटवारी और कानूनगो का भी सरकार ने जिला से राज्य कैडर कर दिया है, और वे इसका विरोध कर रहे हैं। पटवारी और कानूनगो मांग कर रहे हैं कि उन्हें नायब तहसीलदार के पद पर 20 प्रतिशत कोटा दिया जाए, जो कि महासंघ के अनुसार, गलत मांग है।
विज्ञापन
महासंघ ने मांग की है कि उपायुक्त कार्यालय कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के पद पर मिलने वाले कोटे को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया जाए। इस मांग के समर्थन में महासंघ के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष तापे राम और अन्य कर्मचारी, जैसे निशा वर्मा, ने भी अपने विचार रखे।