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Kullu News: अनार की फसल को उजाड़ रहे प्रवासी पक्षी
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कुल्लू के खराहल घाटी में प्रवासी पक्षी अनार खा कर दागी कर रहे है।-संवाद
खराहल (कुल्लू)। हजारों की संख्या में कुल्लू पहुंचे प्रवासी पक्षियों ने जिले में अनार की फसल को नुकसान पहुंचाया है। यहां डेरा जमाए पक्षी रोजाना अनार के फलों को तबाह कर रहे है। ऐसे में अनार उत्पादकों को खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ सालों से ये पक्षी कुल्लू में सितंबर से लेकर नवंबर तक डेरा जमाए रहते हैं। इस दौरान ये फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। सेब को तोता नुकसान पहुंचाता है, मगर अनार को काले रंग का पक्षी नुकसान पहुंचा रहा है।
तोते भी अनार के फल को दागी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ये पक्षी मक्की की फसल को भी तहस-नहस कर रहे हैं। किसान इन पक्षियों के उत्पात से परेशान हैं। किसान अमित, देवराज, ज्ञान ठाकुर, योगराज और सुरेश का कहना है कि प्रवासी पक्षी अनार और मक्की को खासा नुकसान पहुंचा रहे हैं। छत पर सुखाने के लिए रखी मक्की को भी चट कर रहे हैं। 95 वर्षीय राम नाथ ठाकुर बताते हैं कि दो-तीन सालों से ये पक्षी कुल्लू के इलाके में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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जालियों का इस्तेमाल करें उत्पादक
प्रवासी पक्षी काले रंग और लंबी पूंछ वाले हैं। इनकी चोंच बेहद तेज है। कुछ ही मिनटों में फलों को दागी कर देते हैं। बगीचों और खेतों का पहरा पटाखे व आसमानी फायर से भी कर सकते हैं। फल की सुरक्षा के लिए जालियों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
-राज कुमार, उपनिदेशक बागवानी विभाग कुल्लू
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बताया जा रहा है कि कुछ सालों से ये पक्षी कुल्लू में सितंबर से लेकर नवंबर तक डेरा जमाए रहते हैं। इस दौरान ये फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। सेब को तोता नुकसान पहुंचाता है, मगर अनार को काले रंग का पक्षी नुकसान पहुंचा रहा है।
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तोते भी अनार के फल को दागी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ये पक्षी मक्की की फसल को भी तहस-नहस कर रहे हैं। किसान इन पक्षियों के उत्पात से परेशान हैं। किसान अमित, देवराज, ज्ञान ठाकुर, योगराज और सुरेश का कहना है कि प्रवासी पक्षी अनार और मक्की को खासा नुकसान पहुंचा रहे हैं। छत पर सुखाने के लिए रखी मक्की को भी चट कर रहे हैं। 95 वर्षीय राम नाथ ठाकुर बताते हैं कि दो-तीन सालों से ये पक्षी कुल्लू के इलाके में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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जालियों का इस्तेमाल करें उत्पादक
प्रवासी पक्षी काले रंग और लंबी पूंछ वाले हैं। इनकी चोंच बेहद तेज है। कुछ ही मिनटों में फलों को दागी कर देते हैं। बगीचों और खेतों का पहरा पटाखे व आसमानी फायर से भी कर सकते हैं। फल की सुरक्षा के लिए जालियों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
-राज कुमार, उपनिदेशक बागवानी विभाग कुल्लू
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