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Kullu News: आपदा के नुकसान का आकलन न किया तो करेंगे प्रदर्शन
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चौहकी गांव के ग्रामीणों ने दिया 16 सितंबर तक का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मलाणा में 31 जुलाई की रात बादल फटने से चौहकी, बलाधी में भारी नुकसान हुआ था। प्रभावित सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नुकसान का एक बार फिर से आकलन किया जाएगा। इसके लिए मलाणा-एक और मलाणा-दो पावर प्रोजेक्ट की कंपनियों को निर्देश दिए जाएं।
बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल एडीएम अश्वनी कुमार से मिला। महादेव युवक मंडल के प्रधान भगत सिंह ने बताया कि डेढ़ माह बीतने के बाद भी अभी तक प्रशासन की ओर से भवन और जमीन के नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। इससे पहले भी ग्रामीण इस संबंध में प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं। मलाणा-1 और मलाणा-2 कंपनियों को निर्देश दिए जाएं कि क्षतिग्रस्त मकानों, कृषि योग्य भूमि, फसल और पेड़ों के नुकसान का आकलन करने के लिए मौका करें। 16 सितंबर तक मौके का निरीक्षण करके नुकसान का आकलन, नदीं के दोनों ओर आरसीसी कंक्रीट लगाने का प्राक्कलन तैयार नहीं किया जाता है, तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ में परिवारों के आशियाने बह गए हैं। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मलाणा में 31 जुलाई की रात बादल फटने से चौहकी, बलाधी में भारी नुकसान हुआ था। प्रभावित सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नुकसान का एक बार फिर से आकलन किया जाएगा। इसके लिए मलाणा-एक और मलाणा-दो पावर प्रोजेक्ट की कंपनियों को निर्देश दिए जाएं।
बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल एडीएम अश्वनी कुमार से मिला। महादेव युवक मंडल के प्रधान भगत सिंह ने बताया कि डेढ़ माह बीतने के बाद भी अभी तक प्रशासन की ओर से भवन और जमीन के नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। इससे पहले भी ग्रामीण इस संबंध में प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं। मलाणा-1 और मलाणा-2 कंपनियों को निर्देश दिए जाएं कि क्षतिग्रस्त मकानों, कृषि योग्य भूमि, फसल और पेड़ों के नुकसान का आकलन करने के लिए मौका करें। 16 सितंबर तक मौके का निरीक्षण करके नुकसान का आकलन, नदीं के दोनों ओर आरसीसी कंक्रीट लगाने का प्राक्कलन तैयार नहीं किया जाता है, तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ में परिवारों के आशियाने बह गए हैं। संवाद
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