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गांवों की तरफ आया पानी, बच्चों समेत सुरक्षित स्थानों पर भागे लोग
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लाहौल में नदी का बहाव रूकने के बाद लोगों के घरों में घुसा पानी।
- फोटो : Kullu
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल- स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर उपमंडल में पहाड़ी दरकने से चंद्रभागा नदी का बहाव रुकने पर लोगों में अफरातफरी मच गई। तडंग और जसरथ गांव की ओर जलस्तर बढ़ने पर लोग बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर भाग गए। दोनों गांवों के लोग जान बचाने के लिए जुंडा व जाहलमा की तरफ भागे। वामतट पर बसे जसरथ गांव के लोग एक से डेढ़ किलोमीटर दूर तक चले गए थे।
घाटी में शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे अचानक पहाड़ी दरकने से चंद्रभागा नदी का जलस्तर रुकने से इन दोनों गांव में दहशत का माहौल बन गया था। खेत खलिहानों की ओर काम पर निकले ग्रामीण भी हादसे की सूचना के बाद गांव की तरफ भागे। इस दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में भूस्खलन से मलबा नदी में गिर गया और बहाव रुक गया। जलस्तर पीछे की ओर बढ़ रहा था। हादसे में तडंग गांव के घर और जमीन जलमग्न हो गई। इससे नालडा गांव के मोहन लाल के सेब के पेड़ व जमीन को भी नुकसान पहुंचा है। गांव के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर पानी का बहाव एक घंटा और रुक जाता तो जसरथ गांव भी पानी के जद में आ जाता। दो घंटे बाद रुका हुआ बहाव धीरे-धीरे खुलने लगा और लोगों ने राहत की सांस ली। नदी के इस मंजर को देखकर जसरथ गांव के लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए थे। तडंग गांव के देवी चंद का घर पानी में डूब गया था। एसडीएम उदयपुर राजकुमार ठाकुर ने कहा कि तडंग गांव के प्रभावित तीन परिवार के 16 लोगों के लिए टेंट, कंबल और राशन के साथ फौरी राहत राशि प्रदान कर दी है। संवाद
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उदयपुर (लाहौल- स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर उपमंडल में पहाड़ी दरकने से चंद्रभागा नदी का बहाव रुकने पर लोगों में अफरातफरी मच गई। तडंग और जसरथ गांव की ओर जलस्तर बढ़ने पर लोग बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर भाग गए। दोनों गांवों के लोग जान बचाने के लिए जुंडा व जाहलमा की तरफ भागे। वामतट पर बसे जसरथ गांव के लोग एक से डेढ़ किलोमीटर दूर तक चले गए थे।
घाटी में शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे अचानक पहाड़ी दरकने से चंद्रभागा नदी का जलस्तर रुकने से इन दोनों गांव में दहशत का माहौल बन गया था। खेत खलिहानों की ओर काम पर निकले ग्रामीण भी हादसे की सूचना के बाद गांव की तरफ भागे। इस दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में भूस्खलन से मलबा नदी में गिर गया और बहाव रुक गया। जलस्तर पीछे की ओर बढ़ रहा था। हादसे में तडंग गांव के घर और जमीन जलमग्न हो गई। इससे नालडा गांव के मोहन लाल के सेब के पेड़ व जमीन को भी नुकसान पहुंचा है। गांव के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर पानी का बहाव एक घंटा और रुक जाता तो जसरथ गांव भी पानी के जद में आ जाता। दो घंटे बाद रुका हुआ बहाव धीरे-धीरे खुलने लगा और लोगों ने राहत की सांस ली। नदी के इस मंजर को देखकर जसरथ गांव के लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए थे। तडंग गांव के देवी चंद का घर पानी में डूब गया था। एसडीएम उदयपुर राजकुमार ठाकुर ने कहा कि तडंग गांव के प्रभावित तीन परिवार के 16 लोगों के लिए टेंट, कंबल और राशन के साथ फौरी राहत राशि प्रदान कर दी है। संवाद
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