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Kullu News: कनौन में दिखी देव परंपरा की अनूठी मिसाल
Sat, 13 Apr 2024 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 13 Apr 2024 11:03 PM IST
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सैंज घाटी के कनौन में सृष्टि के रचीयता ब्रह्मा ऋषि व देवी भगवती देवलूओ के साथ।
सैंज (कुल्लू)। घाटी के कनौन में बैसाखी मेले में देव परंपरा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। कनौन में सृष्टि के रचयिता देव ब्रह्मा और देवी भगवती का अपने अंगरक्षक शूरवीर देवता बनशीरा के पास मिलने की प्रथा है। ऊंची चोटी पर स्थित बनशीरा को जहां वनों की रक्षा का जिम्मा है वहीं क्षेत्र की जनता की रक्षा का जिम्मा भी देव बह्मा ने बनशीरा को दिया है।
क्षेत्र की रक्षा और प्राकृतिक आपदाओं को टालने के लिए शनिवार को सृष्टि के रचयिता देव ब्रह्मा और भगवती ने देवता बनशीरा के साथ देव मंथन किया। घाटी के आराध्य देव ब्रह्मा और देवी भगवती के रथों को हजारों श्रद्धालुओं ने रस्सी से खींच कर ऊंची चोटी पर स्थित बनशीरा देवता के मंदिर पर पंहुंचाया।
अपने अंगरक्षक देवता बनशीरा के साथ देवी भगवती और ऋषि ब्रह्मा ने वर्ष भर में घटने वाली प्राकृतिक आपदाओं के बारे में मंथन कर भविष्यवाणी कर हारियनों को सचेत किया। शनिवार को देवता ब्रह्मा के रथ को पूरे लाव-लश्कर के साथ मंदिर से बाहर निकाला और देव खेल के बाद देव हारियानों ने देवता के स्वर्ण रथ को रस्सी से खींच कर साथ लगते गांव कछियानी में देवी भगवती के मंदिर तक पंहुचाया। कछियानी मंदिर में देव ब्रह्मा और भगवती महामाई का भव्य मिलन हुआ। देव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद देवलुओं ने कुल्लवी नाटी का आयोजन किया। संवाद
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क्षेत्र की रक्षा और प्राकृतिक आपदाओं को टालने के लिए शनिवार को सृष्टि के रचयिता देव ब्रह्मा और भगवती ने देवता बनशीरा के साथ देव मंथन किया। घाटी के आराध्य देव ब्रह्मा और देवी भगवती के रथों को हजारों श्रद्धालुओं ने रस्सी से खींच कर ऊंची चोटी पर स्थित बनशीरा देवता के मंदिर पर पंहुंचाया।
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अपने अंगरक्षक देवता बनशीरा के साथ देवी भगवती और ऋषि ब्रह्मा ने वर्ष भर में घटने वाली प्राकृतिक आपदाओं के बारे में मंथन कर भविष्यवाणी कर हारियनों को सचेत किया। शनिवार को देवता ब्रह्मा के रथ को पूरे लाव-लश्कर के साथ मंदिर से बाहर निकाला और देव खेल के बाद देव हारियानों ने देवता के स्वर्ण रथ को रस्सी से खींच कर साथ लगते गांव कछियानी में देवी भगवती के मंदिर तक पंहुचाया। कछियानी मंदिर में देव ब्रह्मा और भगवती महामाई का भव्य मिलन हुआ। देव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद देवलुओं ने कुल्लवी नाटी का आयोजन किया। संवाद
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