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Kullu News: देवताओं और मनुष्यों में दिखा अनूठा बंधन

Mon, 14 Oct 2024 12:35 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2024 12:35 AM IST
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Unique bond seen between gods and humans
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का आगाज अठारह करड़ू की सौह में देवी-देवताओं के आगमन से हो गया है। इस देव महाकुंभ में शामिल होने के लिए देवी-देवता हारियानों के साथ वाद्ययंत्रों की धुनों पर रथ में सवार होकर कुल्लू पहुंच रहे हैं।
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रविवार को उपमंडल बंजार के तीन देवता पलदी छमाहूं, बासूकी नाग और खरीहडू भी लाव-लश्कर के साथ दशहरा उत्सव में शिरकत करने पहुंचे। इनके आगमन से देवताओं और मनुष्यों का एक अनूठा बंधन देखने को मिला।
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देवता और हारियान एक साथ नाटी में थिरकते नजर आए। इन तीनों देवताओं के साथ आए करीब 40 हारियानों ने कुल्लवी परिधानों (चौला, टोपी, कलगी और तलवार) में सजकर नाटी डाली। हारियानों और देवताओं की एक साथ डाली गई। ये नाटी दशहरा उत्सव में आए हजारों लोगों और पर्यटकों आकर्षण का केंद्र बनी रही।
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उपमंडल बंजार के देवता पलदी छमाहूं के साथ हारियान साल 1960 में कुल्लवी परिधान में सजकर नाटी डालते हुए कुल्लू दशहरा में आए थे। इसके बाद देवता और हारियान नाटी डालते हुए दशहरा में आए, लेकिन कुल्लवी परिधानों में नहीं। अब विगत वर्ष 2023 से दोबारा देवता के हारियानों ने 64 साल पुरानी परंपरा को अपनाया है और इस साल भी देवता पलदी छमाहूं, बासूकी नाग और खरीहडू के साथ हारियान जिला मुख्यालय कुल्लू से पांच किलोमीटर दूर स्थित मौहल से पारंपरिक कुल्लवी परिधानों में सजकर नाटी डालते हुए आए। इस संबंध में देवता पलदी छमाहूं के हारियान दूर सिंह, मोहर सिंह, अनंत ने कहा कि पिछले वर्ष दशहरा में हारियानों ने 64 साल बाद पौराणिक परंपरा का निर्वहन करने का निर्णय लिया था। उसी निर्णय के अनुसार इस साल भी दशहरा में कुल्लवी परिधानों में सजकर देव रथों के साथ वाद्य-यंत्रों की धुनों पर नाटी डालते हुए हारियान दशहरा में आए हैं।

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कलाकेंद्र चौक पर भव्य देव मिलन
जिला मुख्यालय ढालपुर में स्थित लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र चौक पर देवता बड़ा छमाहूं, देवता खोडू, देवता करथा नाग और माता गाड़ादुर्गा भी इस उत्सव में शामिल हुए। कलाकेंद्र चौक पर सातों देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन देखने को मिला। ये सभी देवता उपमंडल बंजार क्षेत्र के हैं, जो अब अस्थायी शिविरों में विराजमान होकर आगामी सात दिनों तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
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