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Kullu News: पवित्र झील डायनासौर में नहीं होगा बीस भादो का स्नान
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कुल्लू। जिला कुल्लू, मंडी और कांगड़ा के पर्वतीय क्षेत्रों के मध्य पड़ने वाली पवित्र झील डायनासौर में इस साल भी 20 भादो का पवित्र स्नान नहीं होगा। जिला कुल्लू ही नहीं, मंडी की चौहारघाटी और जिला कांगड़ा के भंगाल इलाके के देवी-देवताओं ने झील को अपवित्र न करने का फरमान सुनाया है।
देवताओं ने देववाणी में कहा गया है कि अगर नियमों की अवहेलना की गई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वीरवार को कुल्लू में मीडिया को जारी एक बयान में लगघाटी की अधिष्ठात्री माता फूंगणी के कारदार रामलाल ठाकुर ने कहा कि डायनासौर झील की पवित्रता को बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।
इससे पहले भी देवी-देवताओं ने डायनासौर झील में स्नान करने पर रोक लगाई है। इसके बावजूद कुछ लोग देव आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। इससे झील की पवित्रता भंग हो रही है। इसका खामियाजा आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि देवताओं की ओर से गूर के माध्यम से कही गई बात का सम्मान करें और देव नियमों का पालन करें। संवाद
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देवताओं ने देववाणी में कहा गया है कि अगर नियमों की अवहेलना की गई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वीरवार को कुल्लू में मीडिया को जारी एक बयान में लगघाटी की अधिष्ठात्री माता फूंगणी के कारदार रामलाल ठाकुर ने कहा कि डायनासौर झील की पवित्रता को बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।
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इससे पहले भी देवी-देवताओं ने डायनासौर झील में स्नान करने पर रोक लगाई है। इसके बावजूद कुछ लोग देव आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। इससे झील की पवित्रता भंग हो रही है। इसका खामियाजा आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि देवताओं की ओर से गूर के माध्यम से कही गई बात का सम्मान करें और देव नियमों का पालन करें। संवाद
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